चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Major revelation regarding a terror plot in Punjab! Pakistan is using gangsters as pawns) पंजाब में आतंकी गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान अहम इनपुट मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, मलेशिया से डिपोर्ट किए गए तीन संदिग्धों से पूछताछ में पाकिस्तान से संचालित एक कथित नेटवर्क का पता चला है, जो पंजाब में हमलों के लिए गैंगस्टरों और जेलों में बंद अपराधियों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में पाकिस्तान में बैठा एक ऑपरेटर कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। जांच में मलेशिया में मौजूद अली नाम के व्यक्ति के जरिए नेटवर्क के संचालन की बात सामने आई है। यह जानकारी अजय मलेशिया, जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और पवनदीप सिंह से पूछताछ के बाद सामने आने का दावा किया गया है।
तीनों संदिग्धों को मलेशिया से भारत डिपोर्ट किया गया था। पुलिस उन्हें लुधियाना की सब्जी मंडी के पास चीनी निर्मित ग्रेनेड से हमले की कथित नाकाम साजिश के मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं के तौर पर तलाश रही थी। इस केस में अब तक 10 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इनमें पंजाब और राजस्थान की अलग-अलग जेलों में बंद छह कैदी भी शामिल बताए गए हैं।
जेलों में बंद अपराधियों तक पहुंच बना रहे थे
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अजय मलेशिया और जस बेहबल के पंजाब व राजस्थान की जेलों में बंद कुछ लोगों से संपर्क थे। अजय राजस्थान के गंगानगर का रहने वाला है, जबकि जस बेहबल फरीदकोट से संबंधित है।
जांच के अनुसार, दोनों ने जेल के भीतर मौजूद अपने संपर्कों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया और हमले की साजिश में अन्य लोगों को जोड़ने की कोशिश की।
सीमा पार बैठे हैंडलरों से संपर्क का दावा
पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित हमला सीमा पार बैठे कथित हैंडलरों के साथ हुए एक सौदे का हिस्सा था। जांच में यह भी सामने आया कि अजय पहले से ही पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के लिए कथित तौर पर तस्करी का सामान पहुंचाता था।
पुलिस के मुताबिक, इसके बदले उसे लुधियाना में ग्रेनेड हमले के लिए तस्करी के रास्ते उपलब्ध कराने की पेशकश की गई थी।
10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
लुधियाना में ग्रेनेड हमले की कथित साजिश से जुड़े मामले में पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेलों में बंद आरोपी भी शामिल हैं। अब मलेशिया से डिपोर्ट किए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित सीमा पार नेटवर्क के तार पंजाब में सक्रिय गैंगस्टरों और जेलों में बंद आरोपियों से किस तरह जुड़े थे और इस पूरी साजिश में किस-किस की भूमिका रही।
पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और पूछताछ में सामने आई बातें जांच का हिस्सा हैं। इनकी अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।















