टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: ओडिशा में कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत देते हुए राज्य के कृषि मंत्री ने घोषणा की है कि वर्ष 2025-26 के दौरान धान की खेती के अंतर्गत आने वाले कुल क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार की नई कृषि नीतियों और किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का सीधा असर अब खेतों में दिखाई दे रहा है।
खेती के रकबे में इजाफा: एक बड़ी उपलब्धि
कृषि मंत्री ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि चालू खरीफ सीजन में धान की खेती का दायरा पिछले वर्षों की तुलना में काफी विस्तृत हुआ है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और उन्नत बीजों की उपलब्धता ने किसानों को धान की खेती के लिए अधिक प्रेरित किया है। सरकार का मानना है कि यह वृद्धि राज्य की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
सरकार की प्राथमिकताएं और भविष्य की राह
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य न केवल धान का उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। धान के रकबे में हुई यह बढ़ोतरी हमारी सफल कृषि योजनाओं का परिणाम है।
मुख्य बिंदु:
- वर्ष 2025-26 में धान की खेती के कुल क्षेत्रफल में सकारात्मक वृद्धि।
- सिंचाई परियोजनाओं और सरकारी सब्सिडी का किसानों को मिला सीधा लाभ।
- राज्य में धान उत्पादन के नए रिकॉर्ड बनने की प्रबल संभावना।
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की नई योजनाओं पर जोर।
कृषि विभाग अब इस रकबे को और अधिक उत्पादक बनाने के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। आने वाले समय में, सरकार का ध्यान धान के साथ-साथ अन्य नकदी फसलों को भी प्रोत्साहित करने पर होगा ताकि कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके।



















