टारगेट न्यूज़ ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब के मानसा जिले में एंटी-ड्र ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उपजा आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शहर में स्थिति उस समय पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों और निहंग सिखों के एक उग्र समूह ने उस केमिस्ट की दुकान पर धावा बोल दिया, जिसका संबंध कथित तौर पर इस सनसनीखेज हत्याकांड से जोड़ा जा रहा है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दुकान में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात दमकल की गाड़ी को भी उग्र भीड़ ने नहीं बख्शा और उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना ने पूरे पंजाब प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पुलिस बल की मौजूदगी में इस तरह की हिंसा होना कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
ग्राउंड से मुख्य जानकारी (Key Takeaways)
- मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में उग्र प्रदर्शन हुआ।
- निहंग सिखों सहित कई प्रदर्शनकारियों ने उस केमिस्ट की दुकान में तोड़फोड़ की जिस पर हत्या में शामिल होने का संदेह है।
- पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद दोपहर करीब 3:30 बजे यह हिंसक घटना घटी।
- भीड़ ने मौके पर आग बुझाने के लिए खड़ी दमकल वाहन (फायर टेंडर) को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
- मृतक के परिजनों ने चेतावनी दी है कि परिवार की अनुमति के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Chronological Event Breakdown)
मंगलवार की सुबह से ही मानसा शहर में परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर जबरदस्त रोष व्याप्त था। सुबह के समय तिनकोनी चौक पर भारी संख्या में लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्थानीय पुलिस और राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और परविंदर के फेसबुक पेज से उस लाइव वीडियो को डिलीट करने का प्रयास किया जा रहा है जिसे उसने घटना से कुछ ही समय पहले स्ट्रीम किया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, माहौल और अधिक गरमाता गया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रदर्शनकारियों का एक उग्र जत्था, जिसमें कुछ निहंग भी शामिल थे, उस केमिस्ट की दुकान के बाहर पहुंच गया जिसे लेकर यह संदेह जताया जा रहा था कि उसके तार इस हत्या से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को समझाने और रोकने का कड़ा प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोगों के आगे पुलिस के इंतजाम नाकाफी साबित हुए। भीड़ ने दुकान के शटर और कांच तोड़ दिए तथा अंदर रखा सामान तितर-बितर कर दिया। तनाव और हिंसा को बढ़ते देख मौके पर और अधिक पुलिस बल बुलानी पड़ी, जिसके बाद कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लाया जा सका।
प्रशासनिक व स्थानीय प्रतिक्रिया (Official Action & Public Reaction)
प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के तहत बठिंडा पुलिस ने मुख्य हत्या के मामले में पहली गिरफ्तारी का दावा किया है और इसके पीछे पुरानी रंजिश को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, जनता और परिजनों का गुस्सा इस बात से शांत नहीं हो रहा है कि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पुलिस अभी पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई है। दूसरी ओर, मृतक के पिता ने मीडिया और जनता के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने बेटे के नशे के खिलाफ शुरू किए गए संघर्ष को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि परिवार की सहमति के बिना उनके बेटे के शव का अंतिम संस्कार न किया जाए।
परविंदर के पिता ने कहा, ‘मेरा बेटा ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा था और उसने अपनी जान इस रास्ते पर कुर्बान कर दी। हम चुप नहीं बैठेंगे और उसके संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे। जब तक हमारी सहमति नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और सारे रीति-रिवाज सिख परंपराओं के अनुसार ही पूरे किए जाएंगे।’
आगे क्या? (What Lies Ahead)
इस पूरी घटना के बाद पंजाब के मानसा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि स्थिति दोबारा न बिगड़े। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केमिस्ट दुकान में तोड़फोड़ करने वाले और कानून हाथ में लेने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, मृतक के परिजनों और विभिन्न जत्थेबंदियों की मांगों को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार बातचीत के प्रयास कर रहा है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है।

















