चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Petrol-Diesel Price Hike Shock”) पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम जनता की जेब पर बड़ा असर डाला है। महज 5 दिनों के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इस बार पेट्रोल और डीजल के दामों में 85 पैसे से लेकर 1 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। सबसे महंगा पेट्रोल पंजाब के पठानकोट में ₹102.46 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि कई शहरों में डीजल भी 90 रुपये के पार चला गया है।
लुधियाना, जालंधर, पठानकोट और चंडीगढ़ समेत कई बड़े शहरों में नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेती, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक धान सीजन के दौरान पंजाब के किसानों को करीब ₹756 करोड़ का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है, क्योंकि खेती में ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और अन्य मशीनों के लिए भारी मात्रा में डीजल की जरूरत पड़ती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह है। ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक हालात के कारण क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने रेट बढ़ाए हैं।
डीजल महंगा होने से ट्रकों और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। वहीं सार्वजनिक परिवहन और बस किरायों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश देने के लिए साइकिल चलाते नजर आए। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से ईंधन का सीमित और समझदारी से उपयोग करने की अपील की है।



















