द टारगेट वेब डेस्क
(‘Gobardhan Scheme Approved: ₹23,731 Crore Boost “) केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन (GOBARDHAN) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को बढ़ावा देना, जैविक कचरे का बेहतर उपयोग करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में परिवहन संबंधी चुनौतियों के कारण LNG आयात पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार अब घरेलू स्तर पर तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को एक मजबूत विकल्प के रूप में विकसित करना चाहती है।

गोबरधन योजना के तहत गाय के गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट से बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा। खेतों में जलाए जाने वाले कृषि अवशेषों का उपयोग होने से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार इस योजना के तहत CBG प्लांट, फीडस्टॉक सिस्टम और जैविक खाद उत्पादन मशीनरी की स्थापना के लिए प्रति टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता पर 2 करोड़ रुपये तक की पूंजी सहायता देगी। इसके अलावा MSME से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पात्र ऋणों पर 85 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बायोगैस प्लांट लगाना आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से देशभर में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्योग विकसित होंगे, किसानों को जैविक कचरे से अतिरिक्त कमाई होगी और स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आयातित LNG पर निर्भरता घटने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।
सरकार का मानना है कि गोबरधन योजना केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, किसानों की आय बढ़ाने और हरित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



















