Home Ludhiana पंजाब में प्रॉपर्टी डीलर पर हमला, 2 गिरफ्तार

पंजाब में प्रॉपर्टी डीलर पर हमला, 2 गिरफ्तार

लुधियाना। राजवीर दीक्षित।

(Property dealer attacked in Punjab; 2 arrested) लुधियाना में हथियारबंद बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की कार को घेरकर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कार के शीशे तोड़कर कारोबारी को बाहर खींचने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कार में रखा ₹2 लाख कैश और जरूरी दस्तावेजों वाला लिफाफा भी लेकर फरार हो गए।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 2 को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है।

दो मोटरसाइकिलों पर आए 6 हमलावर

घटना 13 सितंबर की रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता परमिंदर सिंह बाजवा के अनुसार, वह अपनी कार से ताजपुर रोड पर सीके सिटी की ओर जा रहे थे। सेंट्रल जेल के पास ग्रिड के नजदीक दो मोटरसाइकिलों पर सवार 6 लोगों ने उनकी कार को घेर लिया।

हथियारों से कार पर हमला

शिकायत के मुताबिक, सुखविंदर सिंह ने तेजधार हथियार से ड्राइविंग साइड का शीशा तोड़ा और बाजवा को कार से बाहर खींचने की कोशिश की। वहीं जसप्रीत सिंह पर भी कार की साइड विंडो पर हथियार से वार करने का आरोप है।

इसी दौरान आरोपियों ने कार में रखा काला लिफाफा उठा लिया, जिसमें ₹2 लाख नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

पिस्टल दिखाकर दी गोली मारने की धमकी

बाजवा का आरोप है कि शोर मचाने पर सुनील कुमार ने पिस्टल निकालकर उनकी ओर तान दी और गोली मारने की धमकी दी। एक अन्य आरोपी ने कथित तौर पर बेसबॉल बैट से कार की आगे की विंडो पर हमला किया।

मौके पर लोगों की भीड़ जुटने के बाद बाजवा क्षतिग्रस्त कार लेकर वहां से निकल गए। आरोप है कि हमलावरों ने कुछ दूरी तक उनका पीछा भी किया।

पुराने फायरिंग विवाद से जुड़ रहा मामला

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जसप्रीत सिंह और सुखविंदर सिंह पर 27 अगस्त को हुई कथित फायरिंग के मामले में भी आरोप लगे थे। बाजवा का दावा है कि फायरिंग के वक्त वह घर पर मौजूद थे और इस संबंध में उनकी पत्नी ने पुलिस अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज भी दी थी।

6 पर केस, पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने जसप्रीत सिंह, सुनील कुमार, सुखविंदर सिंह और 3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस हमले के पीछे की वजह, कथित लूट और पुराने विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

नोट: ऊपर के हमले और आरोप शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर लिखे गए हैं; आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।

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