Home Himachal Pradesh गेहूं बीज की राशि के लिए किसान कर रहे इंतजार, ₹1.64 करोड़...

गेहूं बीज की राशि के लिए किसान कर रहे इंतजार, ₹1.64 करोड़ का भुगतान लंबित

सिरमौर । राजवीर दीक्षित

(Farmers awaiting wheat seed payments; ₹1.64 crore outstanding) कृषि विभाग द्वारा गेहूं के बीज की खरीद के बाद भुगतान प्रक्रिया की धीमी रफ्तार किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सिरमौर जिले में विभाग ने इस वर्ष 343 किसानों से करीब 10,500 क्विंटल गेहूं का बीज खरीदा। इनमें से 179 किसानों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 164 किसानों की करीब 1.64 करोड़ रुपये की राशि अभी लंबित है। अगली फसल का सीजन नजदीक आने के कारण प्रभावित किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।164 किसानों की नजर अब विभाग की अगली कार्रवाई और भुगतान पर टिकी है।
किसानों के लिए यह सिर्फ बकाया भुगतान का मामला नहीं है, बल्कि उनकी पूरी खेती व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। विभाग से मिलने वाला पैसा उनकी वर्किंग कैपिटल का अहम हिस्सा है, जिससे अगली फसल की तैयारी का खर्च चलता है। खाद, बीज, डीजल, मजदूरी और सिंचाई जैसी जरूरतों के लिए समय पर पैसा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। भुगतान में देरी से किसानों के सामने अगली फसल की तैयारी को लेकर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।समय पर भुगतान नहीं मिला तो किसानों को उधार का सहारा लेना पड़ सकता है।
मेहनत किसानों की, खर्च किसानों का और अब भुगतान के लिए भी इंतजार!

किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल उगाने में उन्होंने हजारों रुपये खर्च किए और कई लोगों ने कर्ज लेकर खेती की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीज के बैग विभाग को सौंप दिए गए, लेकिन तय समय गुजरने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। किसानों का सवाल है कि जब उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी, तो उनका पैसा रोकने की वजह क्या है?
किसानों का आरोप है कि बकाया भुगतान के लिए वे विभागीय दफ्तरों के लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें बजट उपलब्ध होने के बाद ही भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया जा रहा है। 179 किसानों को भुगतान मिल चुका है, जबकि 164 किसान अब भी अपनी रकम का इंतजार कर रहे हैं। भुगतान में इस अंतर को लेकर प्रभावित किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों ने विभाग से बकाया फंड की स्थिति स्पष्ट करने और भुगतान की निश्चित तारीख घोषित करने की मांग की है।
किसानों के लिए यह देरी बेहद महत्वपूर्ण समय में सामने आई है। अगली फसल की तैयारी शुरू होने वाली है और इसके लिए बीज, खाद, कीटनाशक व अन्य कृषि सामग्री पर खर्च आवश्यक है। पिछली फसल का भुगतान समय पर नहीं होने से किसानों की नकदी व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उन पर अतिरिक्त कर्ज का दबाव बढ़ सकता है।
सरकारी विभाग के लिए बीज खरीद की प्रक्रिया भले ही एक चरण पूरा होने के बाद खत्म मानी जाए, लेकिन किसानों की असली चिंता उसके बाद शुरू होती है। महीनों की मेहनत, लागत और संसाधन लगाने वाले किसानों को समय पर भुगतान न मिले तो अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है।
कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर साहिब सिंह ने बताया कि सिरमौर जिले में कुल 343 किसानों से गेहूं के बीज की खरीद की गई थी। इनमें से 179 किसानों को भुगतान किया जा चुका है। वहीं, 164 किसानों का लगभग 1.64 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि आवश्यक बजट के लिए मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है और फंड उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
किसानों के लिए यह सिर्फ़ बकाया रकम का सवाल नहीं, बल्कि अगली फसल की पूरी तैयारी का मामला है। मौसम नज़दीक आते ही बीज, खाद, सिंचाई और अन्य खर्चों का बोझ सामने खड़ा है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि उनका रुका हुआ पैसा जल्द से जल्द मिले, ताकि खेती का अगला चक्र कर्ज लेकर शुरू न करना पड़े।

 

Translate »
error: Content is protected !!