Home Chandigarh ₹90 लाख की नौकरी छोड़ी, माइक्रोग्रीन्स से खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

₹90 लाख की नौकरी छोड़ी, माइक्रोग्रीन्स से खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित 

(Quit a ₹90 lakh job; built a multi-crore business with microgreens) करीब ₹90 लाख सालाना पैकेज वाली फार्मास्यूटिकल कंपनी की नौकरी छोड़कर खेती में उतरना आसान फैसला नहीं था। लेकिन चंडीगढ़ के मोहित निझावन ने जोखिम उठाया और माइक्रोग्रीन्स यानी छोटी साग-पत्तियों की खेती को अपना नया रास्ता बनाया। उनकी पहली कारोबारी कोशिश में बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने दोबारा शुरुआत की और आज उनका ‘ग्रीनू’ ब्रांड सालाना करीब ₹1.44 करोड़ के कारोबार तक पहुंच चुका है।

नौकरी छोड़ी, बिजनेस में भी लगा बड़ा झटका

मोहित ने दिसंबर 2020 में अपनी नौकरी छोड़ी। इसके बाद पार्टनर के साथ माइक्रोग्रीन्स का कारोबार शुरू किया, लेकिन साझेदारी में हुए विवाद के बाद उन्हें करीब ₹70-80 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। परिवार ने दोबारा नौकरी करने की सलाह दी, लेकिन मोहित ने हार नहीं मानी।

₹30 हजार से फिर शुरू किया सफर

हालात यहां तक पहुंचे कि उन्हें अपनी पीएफ की रकम तक निकालनी पड़ी। इसके बाद घर से ही माइक्रोग्रीन्स उगाने का काम शुरू किया। करीब ₹30 हजार की शुरुआती रकम और छोटी जगह से दोबारा कारोबार खड़ा किया। बाद में चंडीगढ़ में किराए की जगह लेकर उत्पादन बढ़ाया।

अब 25 लोकेशन तक पहुंचा कारोबार

मोहित ने माइक्रोग्रीन्स की खेती के साथ किसानों को प्रशिक्षण देने का मॉडल भी विकसित किया। उनका ब्रांड ग्रीनू (Greenu) माइक्रोग्रीन्स की बिक्री के अलावा किसानों और नए उद्यमियों को इस खेती की ट्रेनिंग भी देता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कारोबार का मासिक राजस्व करीब ₹12 लाख और सालाना कारोबार करीब ₹1.44 करोड़ है।

लोगों की सेहत ने बदली सोच

मोहित के मुताबिक, फार्मा क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और परिवारों को करीब से देखा। इन अनुभवों ने उन्हें खान-पान और पोषण पर सोचने के लिए मजबूर किया। इसी के बाद उन्होंने खेती और स्वस्थ भोजन से जुड़ा कारोबार शुरू करने का फैसला लिया।

30 हजार से शुरुआत, लाखों का कारोबार—मोहित की कहानी अब युवाओं के लिए मिसाल बन रही है।

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