चंडीगढ़।राजवीर दीक्षित
चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने जीरकपुर स्थित सुशमा ग्रांडे NXT प्रोजेक्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने एक होमबायर की शिकायत पर बिल्डर से ₹14.54 लाख की वसूली के लिए प्रोजेक्ट को अटैच करने और रिसीवर नियुक्त करने का आदेश दिया है।
28 अक्टूबर को पारित आदेश में मोहाली के डिप्टी कमिश्नर-कम-कलेक्टर को टावर C स्थित सुशमा ग्रांडे NXT प्रोजेक्ट की संपत्ति अटैच करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने ₹14,54,278 की राशि को भूमि राजस्व के बकाये की तरह वसूलने को कहा है।
यह कार्रवाई भवाना नगर की ओर से दायर एग्जीक्यूशन एप्लीकेशन पर हुई है। मामला सुशमा बिल्डटेक लिमिटेड, उसके निदेशक बिंदर पाल मित्तल और दो अन्य लोगों के खिलाफ है।
कार्यवाही के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-17 शाखा, चंडीगढ़ ने आयोग को बताया कि संबंधित पक्षों के बैंक खाते में कोई बैलेंस नहीं है। हालांकि, बैंक ने कहा कि भविष्य में खाते में कोई रकम जमा होती है तो ₹14.54 लाख की राशि होल्ड पर रखी जाएगी।
इसके बाद होमबायर ने बिल्डर के प्रोजेक्ट की संपत्ति का विवरण देकर उसकी कुर्की की मांग की थी।
मामला जीरकपुर के गाजीपुर स्थित सुशमा ग्रांडे NXT में बुक कराए गए फ्लैट से जुड़ा है। समझौते के अनुसार, 9 जुलाई 2021 को हुई बुकिंग के बाद बिल्डर को 9 सितंबर 2022 तक फ्लैट का कब्जा देना था। लेकिन आरोप है कि तय समयसीमा में कब्जा नहीं दिया गया।
6 मार्च 2025 को आयोग ने बिल्डर को 45 दिनों के भीतर ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के साथ फ्लैट का कब्जा देने का आदेश दिया था। इसके अलावा होमबायर की जमा राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने और आगे देरी होने पर ब्याज दर 12 प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने मानसिक परेशानी के लिए ₹75 हजार मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।
बिल्डर की ओर से आदेश का पालन नहीं किए जाने पर होमबायर ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे पहले आयोग कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर चुका है।
आयोग ने मोहाली प्रशासन को प्रोजेक्ट अटैच करने और वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को होगी।
अब बिल्डर के लिए आयोग के आदेश का पालन और होमबायर की बकाया राशि की वसूली बड़ा सवाल बन गया है।


















