लाहौल-स्पीति।राजवीर दीक्षित
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गुरुवार को लाहौल-स्पीति जिले के दौरे के दौरान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण संसारी-किलाड़-तांदी (SKTT) सड़क से जुड़े मुद्दे सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों के समक्ष उठाए। इसके साथ ही उन्होंने उदयपुर स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा भी उनके साथ मौजूद रहीं।
उदयपुर पहुंचने पर शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दे उनके सामने रखे। मंत्री ने सभी समस्याओं को सुनते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया।
शिक्षा मंत्री ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधाओं, पढ़ाई की व्यवस्था और शैक्षणिक माहौल का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और मेहनत व लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को स्कूल में बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने और शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार के निर्देश दिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों सहित हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम लागू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देना और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। इसका श्रेय उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों और लगातार प्रयासों को दिया।
दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने BRO की 94 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) के ऑफिसर कमांडिंग मेजर पारस कोचर से मुलाकात की। इस दौरान संसारी-किलाड़-तांदी (SKTT) सड़क से जुड़े मुद्दों और दूरदराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की जरूरत पर चर्चा हुई।
इसके अलावा रोहित ठाकुर ने त्रिलोकीनाथ और मृकुला देवी मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना भी की।
मंत्री के दौरे का मुख्य फोकस जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने, विद्यार्थियों के कल्याण, स्थानीय समस्याओं और सामरिक सड़क संपर्क से जुड़ी चुनौतियों पर रहा।


















