Home International थाईलैंड का बड़ा फैसला: भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-फ्री स्टे 60 दिन से घटाकर 30 दिन

थाईलैंड का बड़ा फैसला: भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-फ्री स्टे 60 दिन से घटाकर 30 दिन

थाईलैंड का बड़ा फैसला: भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-फ्री स्टे 60 दिन से घटाकर 30 दिन

द टारगेट न्यूज वेब डेस्क

थाईलैंड ने पर्यटकों के लिए अपने वीजा-फ्री प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत भारतीय पासपोर्ट धारकों समेत 60 देशों और क्षेत्रों के नागरिक अब थाईलैंड में बिना वीजा अधिकतम 30 दिनों तक ही रह सकेंगे। इससे पहले भारतीय पर्यटकों को 60 दिनों तक वीजा-मुक्त रहने की अनुमति थी।
थाईलैंड के गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना 31 अगस्त को रॉयल गजट में प्रकाशित की गई। इसके साथ ही वर्ष 2024 में शुरू की गई 60-दिन की वीजा-छूट व्यवस्था को बदल दिया गया है।
रॉयल गजट में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अनुतिन चार्नविराकुल के हस्ताक्षर के साथ उन 60 देशों और क्षेत्रों की नई सूची जारी की गई है, जिनके पासपोर्ट धारक पर्यटन के उद्देश्य से बिना वीजा थाईलैंड में प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, अब उन्हें अधिकतम 30 दिनों तक ही रहने की अनुमति मिलेगी।

थाईलैंड ने वीजा-फ्री स्टे क्यों घटाया?
थाईलैंड की कैबिनेट ने मई में अपनी वीजा-छूट व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी थी। सरकार ने इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यटन और आर्थिक हित, पारस्परिकता, अलग-अलग वीजा सुविधाओं में समानता तथा ई-वीजा व्यवस्था की उपलब्धता जैसे कारण बताए थे।
थाई मीडिया की रिपोर्टों में यह भी चिंता जताई गई थी कि कुछ विदेशी पर्यटक लंबे वीजा-फ्री प्रवास की सुविधा का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर रहे थे। इसी वजह से सरकार ने वीजा-मुक्त रहने की अवधि को सीमित करने का फैसला किया।
2024 में शुरू हुई थी 60 दिन की सुविधा
थाईलैंड ने जुलाई 2024 में 60-दिन की वीजा-छूट व्यवस्था लागू की थी। उस समय इसका दायरा बढ़ाकर 93 देशों और क्षेत्रों के पासपोर्ट धारकों तक कर दिया गया था, जिसमें भारत भी शामिल था।
इस योजना के तहत पर्यटक थाईलैंड में 60 दिनों तक बिना वीजा रह सकते थे। यह सुविधा पर्यटन के अलावा कारोबारी गतिविधियों और कुछ जरूरी अथवा अस्थायी कामों के लिए भी लागू थी। इसके अलावा, आव्रजन अधिकारियों के विवेक के आधार पर प्रवास को 30 दिन तक और बढ़ाने की अनुमति भी दी जा सकती थी।

नियम सख्त करने की जरूरत क्यों पड़ी?
थाईलैंड कई वर्षों से 56 देशों के नागरिकों को 30 दिनों तक वीजा-मुक्त रहने की सुविधा देता था। करीब दो साल पहले इस अवधि को बढ़ाकर 60 दिन किया गया और पात्र देशों की संख्या भी 93 कर दी गई।
थाई अधिकारियों के अनुसार, देश में विदेशी नागरिकों के लंबे समय तक रुकने के कारण कथित तौर पर अवैध गतिविधियों में वृद्धि देखी गई। इसी पृष्ठभूमि में वीजा-फ्री व्यवस्था की समीक्षा की गई और अब इसे फिर से 30 दिनों तक सीमित कर दिया गया है।

भारतीय पर्यटकों पर क्या होगा असर?
नए नियमों का भारतीय पर्यटकों पर सीधा असर यह होगा कि भारतीय पासपोर्ट धारक अब भी बिना पहले से वीजा लिए पर्यटन के लिए थाईलैंड जा सकेंगे, लेकिन वहां बिना वीजा रहने की अधिकतम अवधि 60 दिनों के बजाय 30 दिन होगी।
जो भारतीय पर्यटक थाईलैंड में 30 दिनों से अधिक समय तक रहना चाहते हैं, उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार थाई ई-वीजा के लिए आवेदन करना होगा। नई व्यवस्था के बाद लंबी अवधि की यात्रा की योजना बनाने वाले भारतीय यात्रियों को अपने प्रवास की अवधि और वीजा संबंधी आवश्यकताओं की पहले से जांच करना जरूरी होगा।
इस बदलाव से थाईलैंड जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा की मूल वीजा-मुक्त सुविधा जारी रहेगी, लेकिन लंबे प्रवास की आजादी आधी हो गई है।

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