चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Now you will have to show a degree to make reels! Otherwise, it will seem like a fine of lakhs will be imposed) आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि कमाई और पहचान बनाने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। लोग रील्स, वीडियो और पोस्ट के जरिए लाखों फॉलोअर्स जुटाकर अच्छा पैसा कमा रहे हैं। लेकिन इस रेस में कई लोग गलत तरीके अपनाने लगे हैं—अश्लील कंटेंट, भ्रामक जानकारी और झूठे दावे करके वायरल होने की कोशिश की जा रही है।
इसी पर सख्ती दिखाते हुए चीन ने बड़ा कदम उठाया है। वहां के इंटरनेट रेगुलेटर ने ऐसे फर्जी “एक्सपर्ट्स” के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है, जो बिना किसी योग्यता के लोगों को फाइनेंस, हेल्थ, कानून और शिक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर सलाह दे रहे थे।
नए नियमों के अनुसार, अब अगर कोई व्यक्ति इन विषयों पर कंटेंट बनाना चाहता है, तो उसके पास संबंधित क्षेत्र की आधिकारिक डिग्री या सर्टिफिकेट होना अनिवार्य होगा। बिना योग्यता के खुद को एक्सपर्ट बताना अब भारी पड़ सकता है—नियम तोड़ने पर करीब 1 लाख युआन (लगभग 11.6 लाख रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
सिर्फ इतना ही नहीं, जो लोग अपनी योग्यता साबित नहीं कर पाए, उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स भी स्थायी रूप से डिलीट किए जा रहे हैं। Douyin, Bilibili और Weibo जैसे प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कंटेंट लाइव करने से पहले क्रिएटर के डॉक्यूमेंट्स की जांच करें।
अब हर वीडियो में इस्तेमाल किए गए डेटा का स्रोत बताना जरूरी होगा, और AI से बने कंटेंट पर साफ लेबल लगाना अनिवार्य होगा।



















