Home Punjab हरजोत बैंस के विदेश दौरे पर हाईकोर्ट सख्त, उठे गंभीर सवाल!

हरजोत बैंस के विदेश दौरे पर हाईकोर्ट सख्त, उठे गंभीर सवाल!

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित 

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के जनवरी 2024 में कथित कनाडा दौरे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में विदेश यात्रा की मंजूरी, यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड और कथित यात्रा भत्तों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता का दावा है कि बैंस 17 से 20 जनवरी 2024 के बीच निजी दौरे पर कनाडा में थे। वहीं, इसी अवधि के सरकारी रिकॉर्ड में उनके पंजाब और दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर दौरों और मौजूदगी का उल्लेख होने का दावा किया गया है। इसी विरोधाभास को लेकर हाईकोर्ट में सवाल उठाए गए हैं।

कनाडा में थे तो पंजाब-दिल्ली के दौरे कैसे?

जालंधर निवासी करण प्रीत सिंह ने याचिका में केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और मंत्री हरजोत सिंह बैंस को प्रतिवादी बनाया है।

याचिका के मुताबिक, मंत्री के कथित कनाडा दौरे के दौरान सरकारी रिकॉर्ड में चंडीगढ़, रोपड़, कीरतपुर साहिब, आनंदपुर साहिब और दिल्ली में उनकी मौजूदगी दर्ज होने का दावा किया गया है।

याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि मंत्री उस दौरान कनाडा में थे, तो उसी अवधि में पंजाब और दिल्ली के दौरों से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड और यात्रा भत्ते कैसे दर्ज हुए।

विदेश यात्रा की मंजूरी पर भी सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि 17 से 20 जनवरी 2024 के कनाडा दौरे के लिए केंद्र सरकार से जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।

याचिकाकर्ता ने विदेश यात्रा से संबंधित मंजूरी, ठहरने के दस्तावेज और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।

विदेश मंत्रालय में भी शिकायत का दावा

याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर 9 मार्च 2025 को विदेश मंत्रालय में शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

यात्रा भत्तों की जांच की मांग

याचिका में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और सरकारी रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता चाहता है कि कनाडा यात्रा, विदेश में ठहरने और उसी अवधि में पंजाब-दिल्ली के दौरों से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच हो।

फिलहाल हाईकोर्ट ने सरकार को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया है, लेकिन उसे मामले में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। याचिका में लगाए गए आरोपों पर कोर्ट ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

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