बिलासपुर । राजवीर दीक्षित
(Dialysis fluid sample fails test at AIIMS Bilaspur; orders issued to seize the product) बिलासपुर स्थित एम्स में मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किए जा रहे पेरीटोनियल डायलिसिस फ्लूइड को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। दवा नियंत्रण विभाग बिलासपुर की टीम ने छह जुलाई को एम्स के नेफ्रोलॉजी और पीकू वार्ड से पेरीटोनियल डायलिसिस सॉल्यूशन के दो अलग-अलग सैंपल लिए थे। पहला सैंपल 1.5 प्रतिशत डेक्सट्रोज और दूसरा 2.5 प्रतिशत डेक्सट्रोज वाले सॉल्यूशन का था। दोनों सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। जांच में दोनों उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए। रिपोर्ट मिलने के बाद दवा नियंत्रण विभाग ने एम्स प्रशासन को नोटिस जारी किया और संबंधित उत्पाद का इस्तेमाल रोकने के साथ उसे सीज करने के आदेश दिए।
पेरीटोनियल डायलिसिस में इस्तेमाल होने वाले इन दोनों फ्लूइड की गुणवत्ता रिपोर्ट सामने आने के बाद दवा नियंत्रण विभाग ने अब उत्पाद की सप्लाई और अस्पताल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित उत्पाद किस माध्यम से एम्स बिलासपुर पहुंचे, किस एजेंसी या माध्यम से इनकी आपूर्ति हुई और अस्पताल में इन्हें किस प्रक्रिया के तहत उपलब्ध करवाया गया। इसके लिए कंपनी और उसके उत्पाद से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। विभाग सप्लाई चेन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रहा है। पेरीटोनियल डायलिसिस किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के उपचार की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, ऐसे में इसमें इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता बेहद अहम मानी जाती है।
गुणवत्ता जांच में सवालों के घेरे में आए डायलिसिस सॉल्यूशन को लेकर अब निर्माता कंपनी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। दवा नियंत्रण विभाग ने थाईलैंड की संबंधित कंपनी से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कंपनी के उत्पाद, निर्माण और सप्लाई से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बिलासपुर एम्स में इस्तेमाल की जा रही थाईलैंड की दवा निर्माता कंपनी के दो उत्पादों के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में दवा नियंत्रण विभाग बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी का रिकॉर्ड एम्स प्रशासन से तलब किया जा रहा है। रिकॉर्ड मिलने के बाद मामले की आगे जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



















