जालंधर। राजवीर दीक्षित
जालंधर में चार साल के बच्चे के अपहरण के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद करने के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आदमपुर निवासी रजत रत्तु उर्फ रॉकी के रूप में बताई गई है, जो पेशे से ड्राइवर है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि बच्चे को कथित तौर पर ₹1 लाख में बेचने का सौदा किया गया था और इसके लिए आरोपियों को ₹20 हजार एडवांस भी मिल चुका था।
घर के पास से उठाया, 8 घंटे शहर में घुमाते रहे
पुलिस जांच के मुताबिक, अपहरण के बाद आरोपी बच्चे को लेकर शहर से बाहर निकलने की कोशिश में थे। लेकिन पुलिस की नाकेबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। करीब 8 घंटे तक बच्चे को स्कूटी पर जालंधर शहर में घुमाया गया।
पुलिस को CCTV फुटेज भी मिली, जिसमें आरोपी बच्चे को स्कूटी पर ले जाते दिखाई दिए। इन्हीं फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान आगे बढ़ाई गई।
पकड़े जाने का डर बढ़ा तो बस स्टैंड पर छोड़ा बच्चा
पुलिस का दावा है कि शहर में नाकेबंदी और तलाश तेज होने के बाद आरोपी बच्चे को जालंधर बस स्टैंड पर छोड़कर फरार हो गए। वहां मौजूद लोगों ने बच्चे को रोते हुए देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार के हवाले कर दिया गया।
पहचान छिपाने के लिए बदले कपड़े
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदल लिए थे और बच्चे का हुलिया बदलने की भी कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर बदले गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं।
₹20 हजार एडवांस लेने का दावा, खरीदार भी केस में नामजद
पुलिस के मुताबिक, बच्चे का सौदा कथित तौर पर ₹1 लाख में तय हुआ था। जिन लोगों को बच्चा बेचा जाना था, उन्हें भी मामले में नामजद किया गया है, हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
CCTV और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी रॉकी को उसके घर से गिरफ्तार किया। अब उसके कथित साथी और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
चार साल के मासूम को कथित तौर पर बेचने की योजना ने मामले को सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं रखा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था या आरोपी पहली बार ऐसी वारदात में शामिल हुए थे।



















