टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: सोशल मीडिया पर इन दिनों 1980 के दशक की एआई-जनरेटेड तस्वीरों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग अपनी पुरानी यादों को एआई के जरिए नए अंदाज में देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस ट्रेंड को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि अनजान एआई टूल्स पर अपनी निजी तस्वीरें अपलोड करना आपकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
क्यों खतरनाक है यह एआई ट्रेंड?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, जब आप किसी अनजान वेबसाइट या ऐप पर अपनी फोटो अपलोड करते हैं, तो आपका डेटा उन सर्वर पर स्टोर हो जाता है। इन तस्वीरों का इस्तेमाल गलत हाथों में पड़कर डीपफेक वीडियो बनाने, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार करने या फिर ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ऐप्स अक्सर आपकी प्राइवेसी के साथ समझौता करते हैं।
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है।
सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान या संदिग्ध एआई ऐप्स पर अपनी निजी तस्वीरें साझा न करें।
- किसी भी लुभावने लिंक पर क्लिक करने से बचें, जो आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगते हों।
- सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को हमेशा कड़ा रखें।
- यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग करते समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी तस्वीरों और निजी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।



















