चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“A Small Doormat Can Change Your Destiny! Know Which Color at the Main Entrance Opens the Doors to Wealth”) वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन अक्सर लोग मुख्य दरवाजे पर रखे जाने वाले पायदान यानी डोरमैट को नजरअंदाज कर देते हैं। माना जाता है कि घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है और सही पायदान न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को भी रोकने में मदद करता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दिशा के अनुसार सही रंग का पायदान रखने से घर में सुख-समृद्धि, धन और खुशहाली आती है।
वास्तु के मुताबिक, उत्तर दिशा में हल्के नीले रंग का पायदान रखना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिशा भगवान कुबेर से जुड़ी होती है। वहीं पूर्व दिशा में हल्के रंगों का इस्तेमाल लाभकारी माना गया है। उत्तर-पूर्व दिशा में हल्के पीले रंग का पायदान आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक माना जाता है। दक्षिण-पूर्व दिशा में लाल रंग का पायदान तरक्की और सफलता का प्रतीक माना गया है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा में पीले या क्रीम रंग का पायदान मां लक्ष्मी की कृपा दिलाने वाला माना जाता है।
इतना ही नहीं, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पायदान के नीचे कपड़े या कागज में थोड़ा साबुत नमक रखने की सलाह दी जाती है। वहीं बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए फिटकरी का छोटा टुकड़ा रखना भी लाभकारी बताया गया है।
वास्तु शास्त्र में साफ-सफाई पर भी खास जोर दिया गया है। गंदा और धूल भरा पायदान नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, इसलिए इसे नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। साथ ही, पायदान पर डरावने या नकारात्मक चित्रों का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। छोटे-छोटे वास्तु उपाय अपनाकर घर में सकारात्मक माहौल और खुशहाली लाई जा सकती है।



















