चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Sarbjit Singh of Bindrakh Village Martyred While on Duty in Leh, Had Married in January “) देश की रक्षा करते हुए पंजाब के एक और वीर सपूत ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। लेह-लद्दाख के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनात पंजाब आर्म्ड रेजिमेंट के जवान नायक सरबजीत सिंह शहीद हो गए। जानकारी के अनुसार, पंजाब के बिंदरख गांव निवासी सरबजीत सिंह, दर्शन सिंह के पुत्र थे और वर्तमान में लेह के उच्च हिमालयी क्षेत्र में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। बताया जा रहा है कि अचानक ऑक्सीजन की कमी होने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने देश सेवा करते हुए अंतिम सांस ली।
शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव बिंदरख और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस खबर ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं, क्योंकि सरबजीत सिंह का विवाह अभी इसी वर्ष 25 जनवरी 2026 को हुआ था। शादी के महज कुछ महीनों बाद ही उनकी शहादत की खबर ने परिवार और रिश्तेदारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
शहीद के ताया सुखविंदर सिंह बिंदरख ने बताया कि सरबजीत सिंह का पार्थिव शरीर जल्द ही उनके पैतृक गांव पहुंचाया जाएगा। वहां पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव के लोग अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं।
देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इस बहादुर जवान को राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। सरबजीत सिंह की शहादत हमेशा याद रखी जाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। पूरा देश इस वीर सपूत को सलाम कर रहा है।



















