चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Tree Bill: Cut 1 Tree, Plant 10 Trees Rule “) पंजाब में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल को मंजूरी दे दी गई है। इस बिल के लागू होने के बाद राज्य में यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे उसके बदले 10 नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बिना अनुमति पेड़ काटने वालों पर सख्त आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह कानून शहरी और गैर-वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई, हटाने और ट्रांसप्लांटेशन को कानूनी रूप से नियंत्रित करेगा। यदि कोई व्यक्ति पहली बार अवैध रूप से पेड़ काटता है तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार नियम तोड़ने पर 35 हजार रुपये और तीसरी बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा पर्यावरण क्षति की भरपाई भी करनी होगी।
यह कानून ऐसे समय में लाया जा रहा है जब पंजाब देश के सबसे कम वन क्षेत्र वाले राज्यों में शामिल है। इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार राज्य का केवल 3.67 प्रतिशत क्षेत्र ही वन क्षेत्र है। यदि वन क्षेत्र और पेड़ों के कुल आवरण को भी जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 12.58 प्रतिशत तक ही पहुंचता है, जबकि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार यह कम से कम 33 प्रतिशत होना चाहिए।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों की खेती या एग्रोफॉरेस्ट्री के तहत लगाए गए व्यावसायिक पेड़ों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा, ताकि किसानों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहन मिलता रहे। यह विधेयक राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के बाद तैयार किया गया है, जिसने पंजाब सरकार को शहरी क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई रोकने के लिए अलग कानून बनाने को कहा था।
कैबिनेट बैठक में पर्यावरण के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगी। 65 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा व्यवस्था में लाने से संबंधित विधेयक को भी मंजूरी दी गई, जिसे अब विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके अलावा होशियारपुर में एक और पटियाला में दो निजी डिजिटल विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। साथ ही निजी गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की फीस को विनियमित करने संबंधी विधेयक को भी हरी झंडी दे दी गई। माना जा रहा है कि ये फैसले पंजाब में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और रोजगार व्यवस्था को नई दिशा देंगे।



















