बद्दी । राजवीर दीक्षित
(Major blow to polluters! One industry sealed in Himachal, power cut off for another) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों की अनदेखी करने वाले दो उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बद्दी के निचला मलपुर में स्थित एमएस एसवम एंटरप्राइजेज पर सरसा नदी में प्रदूषित पानी और सीवरेज डिस्चार्ज से जुड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं खरोटा गांव की एमएस मन्नत एंटरप्राइजेज पर फार्मास्युटिकल वेस्ट को खुले में जलाकर एल्युमिनियम निकालने के आरोपों के बाद यूनिट को सील करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बद्दी में प्रदूषण के नियमों की खुली धज्जियां! निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं
12 अगस्त को एमएस एसवम एंटरप्राइजेज के निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को कई गंभीर खामियां मिलीं। जांच में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट बंद हालत में पाया गया, जबकि परिसर से पानी बाहर निकलता मिला। इतना ही नहीं, एक बाईपास पाइपलाइन सरसा नदी की ओर जाती हुई भी सामने आई।
घरेलू सीवरेज के डिस्चार्ज के साथ-साथ पानी के सैंपल में सीओडी की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। परिसर में हाउसकीपिंग व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी और प्रोसेस वेस्ट खुले में पड़ा मिला।सवाल यह है कि अगर औद्योगिक इकाइयों की ऐसी लापरवाही जारी रही, तो पर्यावरण और नदी की सेहत की जिम्मेदारी कौन लेगा?
बोर्ड के आदेशों की अनदेखी का बड़ा खामियाजा! कंपनी की बिजली काटने के निर्देश
पहले निर्देश दिए गए… फिर समय दिया गया… लेकिन जब तय समय में भी अनुपालन रिपोर्ट सामने नहीं आई तो बोर्ड ने बड़ा कदम उठा लिया। कंपनी को प्लास्टिक हटाने और जरूरी पर्यावरणीय अनुमति लेने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही Hazardous and Other Waste Management Rules के तहत नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया था। लेकिन निर्देशों के बावजूद निर्धारित अवधि में रिपोर्ट जमा नहीं की गई। अब बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. गोपालचंद गौतम ने 19 सितंबर को कंपनी की बिजली आपूर्ति काटने के आदेश जारी कर दिए हैं। अगले आदेश तक बिजली बहाल नहीं की जाएगी।
खुले में जल रहा था फार्मा वेस्ट! मन्नत एंटरप्राइजेज में भट्टियों से एल्युमिनियम रिकवरी का खुलासा
मन्नत एंटरप्राइजेज में बोर्ड के निरीक्षण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच सितंबर को खरोटा स्थित इकाई में निरीक्षण के दौरान फार्मास्युटिकल वेस्ट स्ट्रिप्स से एल्युमिनियम निकालने के लिए अस्थायी भट्टियों का इस्तेमाल पाया गया।
बोर्ड के अनुसार, फार्मा वेस्ट को खुले में जलाया जा रहा था और इसके बाद बचे अवशेषों को भट्ठियों में पिघलाकर एल्युमिनियम रिकवर किया जा रहा था।
यानी पहले वेस्ट जलाया गया, फिर उसके अवशेषों से एल्युमिनियम निकाला गया—लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में जरूरी प्रदूषण नियंत्रण इंतजाम कहां थे?
बोर्ड का कहना है कि गतिविधि के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण मौजूद नहीं थे। सात सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन कंपनी की ओर से जवाब अभी लंबित है।
एक उद्योग सील, दूसरे की बिजली काटने के आदेश
बद्दी में प्रशासन ने अब सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसडीएम संजीव धीमान ने पुलिस और क्षेत्रीय अधिकारियों के सहयोग से एक उद्योग को सील करने और उसका दोबारा संचालन रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरे उद्योग का बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन अतुल परमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित कार्यालयों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।
यानी अब प्रशासन ने साफ कर दिया है—नियमों की अनदेखी पर सिर्फ नोटिस नहीं, बल्कि सीधे कार्रवाई होगी।



















