99% अंकों से कोर्टरूम तक, ऋषु की प्रेरणादायक जंग

    चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

    (From 99% Marks to Courtroom: Rishu’s Inspiring Fight) 21 वर्षीय ऋषु ने अपनी जिंदगी की मुश्किलों को चुनौती देते हुए अब कानून के क्षेत्र में नई शुरुआत की है। जन्म से Osteogenesis Imperfecta (OI) यानी ‘ब brittle bone disease’ से जूझ रहे ऋषु ने पंजाब यूनिवर्सिटी से पांच वर्षीय लॉ की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब रोपड़ जिला अदालत में वकालत शुरू करने की तैयारी में हैं। उन्हें पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल से एनरोलमेंट सर्टिफिकेट भी मिल चुका है।

    ऋषु की जिंदगी संघर्ष की मिसाल रही है। OI के कारण उनकी हड्डियां बेहद कमजोर हैं और मामूली झटके से भी फ्रैक्चर हो जाता है। उनके शरीर में गंभीर विकृतियां हैं और वे 85 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे हैं। इसके अलावा रेटिनल डिटैचमेंट के कारण उनकी कई सर्जरी भी हो चुकी हैं।

    2022 में ऋषु तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद 12वीं कक्षा में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उसी समय उन्होंने कानून की पढ़ाई कर वकील बनने का अपना सपना बताया था। अब वह सपना पूरा हो चुका है, लेकिन ऋषु के सामने नई चुनौतियां हैं।

    ऋषु बताते हैं कि अदालतों में शारीरिक पहुंच, कोर्टरूम के भीतर आवाजाही और लंबे समय तक काम करने जैसी परेशानियां तो हैं ही, लेकिन उनका सबसे बड़ा संघर्ष कानूनी बिरादरी में स्वीकार्यता को लेकर है। उनका कहना है कि कुछ लोग उनकी दिव्यांगता का मजाक भी उड़ाते हैं।

    उनके पिता लाल चंद, जो सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक हैं, बताते हैं कि बचपन में कई स्कूलों ने ऋषु को यह कहते हुए दाखिला देने से मना कर दिया था कि वे ऐसे बच्चे की जिम्मेदारी नहीं ले सकते जिसकी हड्डियां कभी भी टूट सकती हैं। उनकी मां कुसिन लता के मुताबिक ऋषु को बचपन से अब तक अनगिनत फ्रैक्चर हुए हैं, जिनकी औसत संख्या करीब नौ प्रति वर्ष रही है।

    तमाम मुश्किलों के बावजूद ऋषु अदालत जा रहे हैं, क्लाइंट्स से मिल रहे हैं और वकालत की बारीकियां सीख रहे हैं। वह सरकार से सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर चाहते हैं। उनकी मांग है कि अदालत या सरकार उन्हें बैठने के लिए छोटी-सी जगह उपलब्ध कराए, ताकि वह सम्मानपूर्वक अपना पेशा शुरू कर सकें।

    ऋषु की कहानी सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि उस हौसले की कहानी है जो शारीरिक सीमाओं से कहीं बड़ा है।

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