भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिरोमणि अकाली दल (बादल) और शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इसी बीच पूर्व सांसद और SAD (पुनर सुरजीत) के अजनाला हलका कोऑर्डिनेटर रतन सिंह अजनाला ने दावा कर दिया है कि BJP और अकाली दल के बीच गठबंधन लगभग तय हो चुका है और वह अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उनके पीछे लगा BJP का बैनर भी चर्चा का विषय बना रहा और इससे संभावित राजनीतिक फेरबदल की अटकलों को और हवा मिली।
गठबंधन और चुनाव चिन्ह को लेकर लचीला रुख अपनाते हुए डॉ. अजनाला ने कहा कि वह अगला विधानसभा चुनाव अजनाला विधानसभा सीट से ही लड़ेंगे, चाहे उन्हें BJP के कमल के निशान पर चुनाव लड़ना पड़े या अकाली दल के तराजू के निशान पर। उन्होंने कहा कि BJP और अकाली दल के बीच गठबंधन होने के बाद अजनाला सीट जिस भी पार्टी के खाते में जाएगी, उसी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ा जाएगा और वह इस सीट से गठबंधन के उम्मीदवार होंगे।
डॉ. अजनाला के इस दावे से अजनाला की सियासी तस्वीर और पेचीदा हो गई है, जहां पहले से ही कई दावेदार मैदान में हैं। उनके बेटे बोनी अजनाला कुछ समय पहले शिरोमणि अकाली दल छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे।
वहीं, डॉ. रतन सिंह अजनाला पिछले साल शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) में शामिल हुए थे। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी माने जाने वाले जोध सिंह समरा को अजनाला हलके का प्रभारी नियुक्त किया है। समरा को पार्टी टिकट के मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। ऐसे में BJP, SAD (बादल) और SAD (पुनर सुरजीत) के संभावित गठबंधन ने बोनी अजनाला और जोध सिंह समरा दोनों के राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि गठबंधन वास्तव में होता है तो सीट बंटवारा और उम्मीदवार का चयन अहम और संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।
हालांकि, डॉ. अजनाला ने परिवार में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनके बेटे बोनी अजनाला उनके लिए प्रचार करेंगे। इससे BJP से जुड़े बोनी और SAD (पुनर सुरजीत) के साथ खड़े डॉ. अजनाला के बीच राजनीतिक रूप से पिता-पुत्र की जोड़ी एक साथ नजर आ सकती है।
वहीं, अजनाला सीट पर जोध सिंह समरा के दावे को लेकर डॉ. अजनाला ने कहा कि अगर गठबंधन समरा को टिकट देने का फैसला करता है, तो गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन किया जाएगा और उसे बड़े अंतर से चुनाव जिताने की कोशिश की जाएगी।



















