चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Speculation about changes in Punjab Congress; is Warring’s position at risk?) पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बैठक में पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और संगठन को लेकर चर्चा हुई। इसी के बाद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की अटकलों ने जोर पकड़ा है। माना जा रहा है कि सितंबर में राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले पार्टी कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
अध्यक्ष पद की दौड़ में चन्नी और बाजवा
अगर वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाता है तो नए अध्यक्ष को लेकर भी पार्टी में अलग-अलग नामों की चर्चा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस पद के लिए अपनी दावेदारी जता चुके हैं। वहीं, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है।
पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर अलग-अलग गुटों की सक्रियता ने पंजाब कांग्रेस की सियासत को और गर्म कर दिया है।
वड़िंग के खिलाफ कई नेता
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की मांग करने वाले नेताओं की संख्या बढ़ रही है। चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर अपनी असहमति पहले ही जाहिर कर चुके हैं।
वहीं प्रताप बाजवा सार्वजनिक तौर पर भले ही इस मुद्दे पर ज्यादा मुखर न हों, लेकिन पार्टी सूत्र उन्हें भी वड़िंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने को लेकर पूरी तरह सहमत नहीं मानते।
वड़िंग के समर्थन में लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन
दूसरी ओर, राजा वड़िंग के समर्थक उनके कार्यकाल की उपलब्धियों को आधार बना रहे हैं। 2022 विधानसभा चुनाव के बाद वड़िंग ने प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली थी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से 7 सीटों पर जीत दर्ज की।
खुद राजा वड़िंग भी लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे। यही वजह है कि पार्टी का एक वर्ग उन्हें चुनाव से पहले हटाने के फैसले के पक्ष में नहीं बताया जा रहा।
चन्नी-वड़िंग के बीच पहले से चल रही खींचतान
पंजाब कांग्रेस में राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान लंबे समय से चर्चा में है। चन्नी समर्थक खेमा संगठन में बदलाव की मांग करता रहा है, जबकि वड़िंग गुट प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपनी भूमिका मजबूत करने में जुटा है।
दलित प्रतिनिधित्व को लेकर दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी भी सामने आ चुकी है। इसके अलावा पंजाब के कई जिलों में पोस्टर और नारेबाजी के जरिए गुटबाजी सार्वजनिक रूप से दिखाई दी है।
2027 चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता कायम करने की है। एक तरफ चन्नी खेमा अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने में जुटा है, तो दूसरी ओर वड़िंग संगठन पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे में हाईकमान अगर प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला करता है तो इसका सीधा असर कांग्रेस की चुनावी रणनीति और पंजाब में पार्टी के अंदर शक्ति संतुलन पर पड़ सकता है।
वड़िंग बोले- मैं लड़ता रहूंगा
प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर राजा वड़िंग ने सीधे तौर पर किसी संभावित बदलाव की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि “कोई आए, कोई हो या न हो, राजा वड़िंग लड़ता रहेगा।”
अब निगाहें कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम और राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले होने वाले संभावित संगठनात्मक बदलाव पर टिकी हैं।



















