टारगेट न्यूज नेटवर्क
(Bank strike brings operations to a halt; business worth ₹5,5000 crore affected) पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में समान लाभ की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल रही। SBI, PNB और यूनियन बैंक समेत कई सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। इसके चलते चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, FD रिन्यूअल और सरकारी खजाने से जुड़े कई काम अटक गए।
हड़ताल का देश में भी व्यापक असर देखने को मिला। बैंकिंग संगठनों के मुताबिक, राज्य में एक दिन में करीब ₹5,5000 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया था।
ATM-UPI चलते रहे
हड़ताल के बावजूद ग्राहकों के लिए डिजिटल सेवाएं जारी रहीं। ATM, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए लेनदेन किया जा सकता था। हालांकि, ब्रांच से जुड़े जरूरी काम के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
5-डे बैंकिंग पर दो साल से फैसला नहीं
UFBU का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था पर सहमति बनी थी।
प्रस्ताव के अनुसार, सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों के कामकाज का समय रोजाना 40 मिनट बढ़ाया जाना था। IBA की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी वित्त मंत्रालय से अंतिम मंजूरी नहीं मिली।
अब हर शनिवार छुट्टी की मांग
फिलहाल बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। पांच दिवसीय व्यवस्था लागू होने पर हर शनिवार छुट्टी होगी और इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त समय काम किया जाएगा।
PLI को लेकर भी नाराजगी
बैंक यूनियनों ने नई PLI गाइडलाइंस पर भी विरोध जताया है। यूनियनों का आरोप है कि इसमें वरिष्ठ अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच बड़ा अंतर रखा गया है।
उनके मुताबिक, स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI का प्रावधान है, जबकि वर्कमेन और स्केल-I से III के कर्मचारियों को अधिकतम 15 दिन के बेसिक पे और डीए तक का लाभ मिलेगा।
UFBU की मांग है कि इंसेंटिव बैंक के समग्र प्रदर्शन के आधार पर तय हो और सभी कर्मचारियों को समान लाभ मिले।
पेंशन और OPS भी मुद्दे में
बैंक यूनियनों ने पेंशन अपडेट करने, सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला लागू करने और NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प देने की मांग भी उठाई है।
PLI का मामला मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया में लंबित है। इसके अलावा इसे दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है।















