कांगड़ा । राजवीर दीक्षित
कांगड़ा के इंदौरा में वन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भदरोआ वन परिक्षेत्र कार्यालय से महज करीब 700 मीटर की दूरी पर अंदरून डमटाल में सात से आठ खैर के पेड़ों पर अवैध आरी चल गई। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग के कार्यालय के इतने करीब पेड़ों का कटान होता रहा और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मौके पर कटे पेड़ों के अवशेष जरूर मिले, लेकिन वन काटु अभी भी विभाग की पकड़ से बाहर हैं।
खैर के पेड़ों पर मंडरा रहा खतरा, तस्करों की गतिविधियों से बढ़ी चिंता
इंदपुर क्षेत्र में खैर के अवैध कटान की घटनाओं ने वन संपदा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में 40 मौच्छे बरामद किए गए, वहीं भदरोआ और टूटा तालाब क्षेत्र में खैर की लकड़ी से भरे वाहन पकड़े गए। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों पर अवैध कटान के मामले सामने आना बताता है कि समस्या अभी खत्म नहीं हुई है। लगातार हो रही घटनाओं से अवैध कटान के पीछे सक्रिय लोगों और उनके नेटवर्क की जांच की जरूरत भी सामने आती है।
जंगलों की निगरानी पर उठे सवाल, रात के अंधेरे में कट रहे खैर के पेड़?
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग अगर जंगलों में नियमित गश्त और कड़ी निगरानी का दावा करता है, तो आखिर खैर के हरे-भरे पेड़ों पर लगातार आरा कैसे चल रहा है। लोगों के मुताबिक, रात के अंधेरे में वन क्षेत्रों में अवैध कटान की घटनाएं सामने आती हैं और सूचना मिलने के बावजूद कई बार कार्रवाई में देरी होने का आरोप है।
ग्रामीणों के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर वन तस्करों को इतना हौसला कहां से मिल रहा है। क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है या फिर तस्कर विभाग की कार्रवाई से बचने का रास्ता पहले से जानते हैं? वन रक्षकों, वन गार्डों और बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी वाले इलाकों में यदि लगातार कटान हो रहा है, तो निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अवैध कटान पर वन विभाग सख्त, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई निगरानी
वन विभाग के रेंज ऑफिसर भदरोआ अब्दुल हमीद ने कहा कि अवैध पेड़ कटान के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और वन कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंदरून डमटाल क्षेत्र में खैर के पेड़ों के अवैध कटान की सूचना ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बीओ संजय कुमार ने बताया कि विभाग को कुछ पेड़ों के काटे जाने की जानकारी मिली है, जिसके बाद टीमों को मौके पर भेजा गया। कटे हुए पेड़ों को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध कटान को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी। जंगलों के अंदरूनी हिस्सों में भी निगरानी मजबूत की जाएगी, ताकि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।



















