Home Haryana GT रोड पर बवाल! पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस-वाटर कैनन छोड़े

GT रोड पर बवाल! पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस-वाटर कैनन छोड़े

कुरुक्षेत्र। राजवीर दीक्षित

(Chaos on GT Road! Tear gas and water cannons used against farmers) हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। किसानों के GT रोड जाम करने के प्रयास के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

दरअसल, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर प्रशासन को 22 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। इससे पहले किसानों की DC विश्राम कुमार मीणा के साथ बैठक भी हुई, लेकिन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद किसान GT रोड की ओर बढ़ गए।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान

दोपहर करीब एक बजे किसान बराड़ा रोड से GT रोड की तरफ बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कुछ किसान फ्लाईओवर तक पहुंच गए। पुलिस ने बाद में उन्हें नीचे उतारा।

करीब आधे घंटे तक चले तनाव के बाद किसानों ने शहीद ऊधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार GT रोड पर यातायात जारी रखने की कोशिश की जा रही थी।

चढ़ूनी बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा मोर्चा

भाकियू (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसानों पर पानी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भी पैर में चोट लगी है और कहा कि मांग पूरी होने तक किसान मौके पर रहेंगे। उनके ये आरोप स्वतंत्र रूप से पुलिस के संस्करण से अलग हैं।

20 सितंबर तक खरीद शुरू करने की मांग

किसानों ने पहले 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की थी। बाद में प्रशासन के साथ बातचीत के दौरान 20 सितंबर तक खरीद शुरू कराने की मांग रखी गई। खरीद शुरू नहीं होने पर 22 सितंबर को हाईवे जाम करने की चेतावनी दी गई थी।

‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल फिर खुला

सरकार ने किसानों को फसल का पंजीकरण कराने का एक और मौका दिया है। किसानों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और सरकारी खरीद की प्रक्रिया में तालमेल होना जरूरी है, ताकि मंडियों में फसल आने के बाद खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े।

पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई थी खरीद

धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार से जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। इस बार भी किसानों का तर्क है कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है और खरीद में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। केंद्र का सामान्य खरीद विंडो 1 अक्टूबर से शुरू होने का उल्लेख हालिया रिपोर्टों में किया गया है।

फिलहाल शाहाबाद में किसानों का धरना जारी है और धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है।

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