Home Haryana AI की नजर में टैक्स चोर! हाईटेक होगी राजस्व व्यवस्था

AI की नजर में टैक्स चोर! हाईटेक होगी राजस्व व्यवस्था

पंचकूला। राजवीर दीक्षित 

(Tax evaders in AI’s crosshairs! Revenue system set to go high-tech.) हरियाणा सरकार अब टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज पर तकनीक का शिकंजा कसने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि करों की दरें बढ़ाए बिना राजस्व संग्रह मजबूत किया जाएगा। इसके लिए AI, मशीन लर्निंग और एडवांस डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा।

एक क्लिक पर खुलेगा टैक्स का खेल

GST, संपत्ति पंजीकरण, वाहनों के रिकॉर्ड, बिजली बिल, शहरी विकास और अन्य विभागों के डेटा को आपस में जोड़ा जाएगा। इसके बाद AI और मशीन लर्निंग के जरिए आंकड़ों का विश्लेषण कर कारोबार की वास्तविक गतिविधियों और जमा किए गए टैक्स का मिलान किया जाएगा।

संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत अलर्ट

नई व्यवस्था में डेटा एनालिटिक्स के जरिए रिस्क प्रोफाइलिंग की जाएगी। संदिग्ध लेनदेन और संभावित टैक्स लीकेज वाले मामलों की पहचान कर विभाग कार्रवाई कर सकेंगे।

पेपरलेस होगा राजस्व सिस्टम

सरकार ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ और ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ जैसे सुधारों के जरिए रजिस्ट्रेशन और इंतकाल प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। हरियाणा सरकार के दस्तावेजों में भी राज्य के विभिन्न करों और शुल्कों से जुड़े विभागों में एक्साइज एंड टैक्सेशन, पावर, ट्रांसपोर्ट, रेवेन्यू और शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं।

2030 तक 10%, 2047 तक 15% का लक्ष्य

सरकार के मुताबिक राज्य का अपना कर-राजस्व फिलहाल GSDP के 7 प्रतिशत से कम है। इसे 2030 तक 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री का फोकस टैक्स की दर बढ़ाने के बजाय टैक्स बेस और अनुपालन बढ़ाने पर है।

पुराने विवादों के निपटारे की तारीख बढ़ी

‘हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन स्कीम, 2026’ के तहत पुराने लंबित कर विवादों के निपटारे की समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। सरकार के अनुसार इससे व्यापारियों को पुराने मामलों के समाधान का मौका मिलेगा।

AI से बदलेगा टैक्स सिस्टम

हरियाणा पहले से ही डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-आधारित प्रशासन की दिशा में तकनीक को बढ़ावा दे रहा है। राज्य की नीतियों में AI, डेटा एनालिटिक्स, बिग डेटा और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

अब निशाना टैक्स की दर नहीं, टैक्स चोरी और लीकेज पर होगा—AI के जरिए हरियाणा की राजस्व व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी है।

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