नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Rabi MSP hiked! Wheat dearer by ₹25; big bet on energy) केंद्र सरकार ने किसानों और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर बुधवार को दो बड़े फैसले लिए। कैबिनेट ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 की सभी छह अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। वहीं, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III के लिए ₹1,86,405 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी गई।
गेहूं के MSP में ₹25 की बढ़ोतरी
गेहूं का MSP ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी किसानों को पिछले सीजन के मुकाबले ₹25 प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे।
रबी फसलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम में ₹675 प्रति क्विंटल की हुई है। इसके बाद रेपसीड-सरसों में ₹413 और मसूर में ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। जौ में ₹136 और चने में ₹83 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।
कुसुम पर सबसे बड़ा दांव
नई दरों के मुताबिक कुसुम का MSP ₹7,215, रेपसीड-सरसों का ₹6,613 और मसूर का ₹7,390 प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार के अनुसार MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर ₹1.86 लाख करोड़
कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III के लिए ₹1,86,405 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। योजना का मकसद राज्यों के भीतर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत कर बड़े पैमाने पर बनने वाली सौर और पवन ऊर्जा को ग्रिड तक पहुंचाना है। योजना को 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
रिन्यूएबल एनर्जी को मिलेगा ग्रिड सपोर्ट
नई ट्रांसमिशन व्यवस्था से उन इलाकों से बिजली निकालने और दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां सौर और पवन ऊर्जा की क्षमता तेजी से बढ़ रही है। सरकार पहले से ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के जरिए रिन्यूएबल पावर के ग्रिड इंटीग्रेशन और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है।
एक तरफ किसानों के लिए MSP में बढ़ोतरी, दूसरी तरफ रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बड़ा ट्रांसमिशन पुश—कैबिनेट के दोनों फैसलों का सीधा फोकस कृषि आय और ऊर्जा ढांचे पर है।



















