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पैराग्लाइडिंग के दीवानों की पहली पसंद बीर-बिलिंग! रोज़ 200 उड़ानों से बढ़ी रौनक

पालमपुर । राजवीर दीक्षित

(Bir-Billing: The top choice for paragliding enthusiasts! Bustling with activity thanks to 200 daily flights) कांगड़ा जिले की मशहूर बीर-बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होने के बाद पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम अनुकूल होने के बाद 20 सितंबर से शुरू हुए पैराग्लाइडिंग सीज़न में अब रोजाना औसतन करीब 200 उड़ानें भरी जा रही हैं। उड़ानों की बढ़ती संख्या के साथ पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, चंडीगढ़ और देश के दूसरे हिस्सों से पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है।

बीर-बिलिंग में बढ़ती पर्यटकों की संख्या का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर दिखाई दे रहा है। होटल, होमस्टे, गेस्टहाउस, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों को सीज़न शुरू होते ही काम मिलने लगा है। खासतौर पर वीकेंड पर फ्लाइंग एक्टिविटी बढ़ने से घाटी में पर्यटकों की संख्या में साफ इजाफा देखने को मिल रहा है।

स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को इस साल अच्छे सीज़न की उम्मीद है। उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ विदेशी पैराग्लाइडिंग पायलटों के भी घाटी में पहुंचने की संभावना है। बीर में AAPAS होटल के मालिक अंकित सूद के मुताबिक विदेशी पैराग्लाइडिंग पायलटों के 15 अक्टूबर तक घाटी में पहुंचने की उम्मीद है। उनके आने से फ्लाइंग गतिविधियों के साथ पर्यटन कारोबार को भी और गति मिलने की संभावना है।

बीर-बिलिंग की स्थानीय अर्थव्यवस्था में पैराग्लाइडिंग की अहम भूमिका है। बड़ी संख्या में होटल, होमस्टे और गेस्टहाउस सीधे तौर पर पैराग्लाइडिंग पर्यटन पर निर्भर हैं। ऐसे में फ्लाइंग सीज़न केवल रोमांच का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी का भी बड़ा आधार बन चुका है।

हालांकि पर्यटन विभाग ने इस साल किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर के पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के आयोजन में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई है। इसके बावजूद विदेशी पायलटों के संभावित आगमन से घाटी में रौनक और उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।

पर्यटकों और पायलटों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। बिलिंग टेक-ऑफ पॉइंट पर पायलटों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मैट बिछाने का काम शुरू किया गया है। वहीं, लैंडिंग साइट पर खराब पड़े टॉयलेट को ठीक कर उन्हें दोबारा चालू करने के लिए भी संबंधित अधिकारी काम कर रहे हैं।

पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विनय धीमान का कहना है कि मौसम के पूरी तरह अनुकूल होते ही टेक-ऑफ पॉइंट पर मैट बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

फ्लाइंग का मुख्य सीज़न अब करीब है और ऐसे में स्थानीय पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लगातार पैराग्लाइडिंग गतिविधियों, वीकेंड पर बढ़ती पर्यटकों की आवाजाही और विदेशी पायलटों के संभावित आगमन से इस बार सीज़न लंबा चलने की उम्मीद की जा रही है।

अगर यह रफ्तार बनी रहती है तो आने वाले दिनों में बीर-बिलिंग में पर्यटन कारोबार और मजबूत हो सकता है। आसमान में उड़ते पैराग्लाइडर अब सिर्फ रोमांच का नजारा नहीं, बल्कि पूरी घाटी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का जरिया भी बन चुके हैं।

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