नंगल । राजवीर दीक्षित
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही पंजाब के रोपड़
जिले में हलवाई और किराना थोक कारोबारियों ने चीनी की कथित कमी, थोक कीमतों में भारी बढ़ोतरी और कालाबाजारी की आशंका को लेकर चिंता जताई है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो दिवाली से पहले मिठाइयों और त्योहार से जुड़ी
अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
व्यापारियों का यह भी दावा है कि एक सप्ताह के भीतर चीनी की थोक कीमतों में तेज उछाल आया है। कुछ खरीदारों के अनुसार, चीनी का भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि उनके मुताबिक पहले
सरकार से जुड़ी निर्धारित कीमत लगभग 48 रुपये प्रति किलो थी।
कारोबारियों का आरोप है कि चीनी मिलें थोक
उपभोक्ताओं को सीधे चीनी की आपूर्ति नहीं कर रही हैं। इसके चलते उन्हें बिचौलियों के माध्यम से चीनी खरीदनी पड़ रही है, जो कथित तौर पर घोषित कीमत से काफी
अधिक दाम वसूल रहे हैं।
नंगल शहर की प्रसिद्ध नम्बर 1 स्वीट शॉप के मालिक ओंकार राणा ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर चीनी का थोक भाव 55 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गया है।
उन्होंने कहा, “दिवाली के सीजन में हमें बड़ी मात्रा में चीनी की जरूरत होती है और परंपरागत रूप से हम इसे सीधे मिलों से खरीदते रहे हैं। लेकिन इस साल मिलें हमें सीधे चीनी नहीं दे रही हैं। इसके कारण हमें बिचौलियों से खरीदारी करनी पड़ रही है, जो बहुत अधिक कीमत वसूल रहे हैं।”
ओंकार राणा ने आरोप लगाया कि व्यापारियों को बताया गया था कि सरकार ने मिलों को 48 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर चीनी नहीं बेचने के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, कुछ बिचौलिए बिल में चीनी का भाव 48 से 55 रुपये प्रति किलो तक दिखा रहे हैं, जबकि कथित तौर पर बाकी रकम नकद में वसूली जा रही है। इससे चीनी की वास्तविक कीमत 70 रुपये प्रति किलो
तक पहुंच रही है।
किराना के थोक कारोबारी साहिल कुमार ने कहा कि
दिवाली से पहले मांग बढ़ने के बावजूद चीनी मिलें थोक ऑर्डर स्वीकार नहीं कर रही हैं। उनका दावा है कि सीधे आपूर्ति पर लगी कथित रोक से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो रही है और कुछ बिचौलियों को व्यापारियों से मनमाने दाम वसूलने का मौका मिल रहा है।
त्योहारी सीजन में मिठाई निर्माता पारंपरिक भारतीय
मिठाइयों और अन्य कन्फेक्शनरी उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में चीनी खरीदते हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर मिठाई कारोबार पर पड़ने की आशंका है।
इस मामले पर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक किम्मी कौर ने कहा कि वह मामले की जांच करवाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग यह पता लगाएगा कि
त्योहारी सीजन के दौरान कहीं कोई व्यापारी या अन्य इकाई चीनी का भंडारण कर ब्लैक करने के लिए जमाखोरी तो नहीं कर रहा है।


















