घरुआं/खरड़।राजवीर दीक्षित
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 और 3 के आसपास दोपहिया वाहन चोरों ने आतंक मचा रखा है। एक महीने से भी कम समय में छात्रों की 16 से अधिक बाइक और स्कूटर चोरी होने की सूचना है। लगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस को किसी संगठित गिरोह के सक्रिय होने का संदेह है।
छात्रों के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत से ही यूनिवर्सिटी के आसपास वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। परिसर की पार्किंग सुबह करीब 9:30 बजे के बाद भर जाने पर कई छात्रों को अपने वाहन बाहर खड़े करने पड़ते हैं। ऐसे में गेट के बाहर बिना निगरानी खड़े वाहन चोरों के निशाने पर हैं।
चोरी हुए वाहनों में स्प्लेंडर, बुलेट और एक्टिवा जैसे दोपहिया वाहन शामिल बताए जा रहे हैं। इनके रजिस्ट्रेशन नंबर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और रांची के हैं।
कुराली निवासी लॉ के छात्र जसनप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी मोटरसाइकिल 5 अक्टूबर को गेट नंबर 3 के बाहर से चोरी हो गई। वहीं, भगोमाजरा स्थित जीबीपी क्रेस्ट निवासी गौरव मिश्रा की काली मोटरसाइकिल 6 अक्टूबर को चोरी हुई।
यमुनानगर निवासी छात्र अंकित जैन ने दावा किया कि पार्किंग भरने के कारण विद्यार्थियों को अपने वाहन यूनिवर्सिटी के बाहर खड़े करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में रोजाना दो से तीन वाहन चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, एफआईआर दर्ज करवाने में भी उन्हें करीब एक महीने का इंतजार करना पड़ा, जबकि बाहर से आए कई छात्रों की शिकायतें अब तक दर्ज नहीं हुई हैं।
पुलिस ने 25 अक्टूबर को खरड़ सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल चोरी हुए वाहनों का कोई सुराग नहीं मिला है।
घरुआं के स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके की सड़कों पर बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली मोटरसाइकिलें भी दिखाई देती हैं। इससे चोरी के वाहनों को कम कीमत पर बेचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच के नतीजे सामने आना बाकी हैं।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने छात्रों की सुरक्षा और वाहन पार्किंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस संदिग्ध गिरोह तक कब पहुंचती है और चोरी हुए वाहनों को बरामद करने में कितनी सफलता मिलती है।


















