खास खबर: श्री आनंदपुर साहिब से कलाकार सतिन्द्र सत्ती भी बीजेपी टिकट की दावेदार-अरुणजोत सोढी, लालपुरा, गीगेमाजरा भी दौड़ में लेकिन सर्वे में आज भी है पूर्व सांसद लोगों की पहली पसंद।

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मोहाली/श्री आनंदपुर साहिब । राजवीर दीक्षित

श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा हलके से बीजेपी की टिकट के लिए कलाकार तथा नए चेहरों की दौड़ में शामिल हो गए हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज भी इस सीट से पहली पसंद भाजपा के एक पूर्व सांसद ही है। जिनका करवाये गए कई सर्वो में नाम लोगो की पहली पसंद के तौर पर सामने आया है।

श्री आनंदपुर साहिब से मशहूर पंजाबी एंकर और कलाकार सतिंदर सत्ती भी अब टिकट के दावेदार बन गई हैं। कनाडा में वकालत कर रहीं सत्ती ने न सिर्फ बीजेपी नेतृत्व को अपना ब्योरा भेजा है, बल्कि पंजाब बीजेपी प्रभारी विजय रूपाणी से भी उन्होंने मुलाकात की है।

भाजपा टिकट की दौड़ में अन्य नए लोगों में इकबाल सिंह लालपुरा के बेटे अजय वीर सिंह, अरुणजोत सिंह सोढ़ी और खुशवंत सिंह गीगेमाजरा व जालन्धर से सुभाष शर्मा शामिल हैं।

भाजपा के लिए सबसे सेफ समझी जाने वाली श्री आनंदपुर साहिब सीट हिन्दू वोट बैंक का समर्थन करती रही है। यहां से आज भी लोगो की पहली पसंद भाजपा के पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ही है।

हालांकि उन्होंने लोकसभा क्षेत्र में पिछले दिनों तक अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी, लेकिन अचानक बीजेपी आलाकमान द्वारा खन्ना को त्रिपुरा राज्य का प्रभारी नियुक्त किये जाने के बाद, उनकी दावेदारी पर प्रश्नचिन्ह लग गया है, क्योंकि बीजेपी के संविधान के मुताबिक दोनों जिम्मेदारी नहीं ले सकते है।

श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी की ओर से मलविंदर सिंह कंग को उम्मीदवार घोषित किया गया है और शिरोमणि अकाली दल बादल ने प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को मैदान में उतारा गया है। लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने अभी तक इस सीट के लिए पत्ते नहीं खोले हैं।

पूर्व सांसद अविनाश रॉय खन्ना ने पिछले छह महीने से लोकसभा क्षेत्र के 9 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर दिया था, लेकिन अब उन्हें उम्मीदवार बनाया जाए या फिर त्रिपुरा का प्रभारी बनाए रखा जाए, इसका फैसला केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व के हाथ में है।

अविनाश रॉय खन्ना के अलावा बीजेपी को छोड़ अकाली दल में शामिल हुए मदन मोहन मित्तल भी इस लोकसभा में अपना बड़ा कद रखते है। उनके भाजपा में शामिल होने की कई बार अटकलें सुनी गई क्योकि वह अकाली दल में जाने के बावजूद मोदी प्रोजेक्टों पर काम करते रहे है वह भी प्रबल उम्मीदवार हो सकते है।

इसके इलावा इकबाल सिंह लालपुरा, जो राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष भी हैं, ने भी श्री आनंदपुर साहिब से भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी जताई है। राजनीतिक हलकों के मुताबिक, लालपुरा अपने बेटे अजयवीर सिंह लालपुरा को भी उक्त लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार बनाना चाहते हैं।

यहां बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में इकबाल सिंह लालपुरा ने बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह बुरी तरह से यह चुनाव हार गए थे। अजवीर लालपुरा ने निर्वाचन क्षेत्र में अपनी राजनीतिक गतिविधि तेज कर रखी है। उक्त उम्मीदवारों के अलावा, अरुणजोत सिंह सोढ़ी और पंजाबी फिल्म अभिनेत्री सतिंदर कौर सत्ती भी भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लडऩे के इच्छुक बताई जा रही हैं।

सोढ़ी की पृष्ठभूमि युवा कांग्रेस की है, जो श्री मुक्तसर साहिब जिले के पहले जिला अध्यक्ष बने, फिर पंजाब युवा कांग्रेस के महासचिव बने और अखिल भारतीय युवा कांग्रेस में मनिंदरजीत सिंह बिट्टा के करीबी थे। जब पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने विभाजन किया और पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का गठन किया, तो सोढ़ी पार्टी के संस्थापक सदस्य और पार्टी में अग्रणीय थे।

मनप्रीत सिंह बादल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से सोढ़ी लगभग एक दशक से राष्ट्रीय सिख संगत से जुड़े हुए हैं और निर्मल संत संप्रदाय के प्रमुख डॉ. स्वामी रामेश्वर नंद हरि और अविनाश जयसवाल के साथ-साथ भाजपा के केंद्रीय नेता विजय रूपाणी के भी करीबी हैं। सोढ़ी का मानना है कि श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र उनका पैतृक निर्वाचन क्षेत्र है, जहां श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की नींव रखी थी।

पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री सतिंदर कौर सत्ती भी अब उक्त लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार बनने की ख्वाहिश रखती हैं। यहां बता दें कि बटाला के रहने वाले सत्ती ने पहले गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लडऩे की इच्छा जताई थी, लेकिन हाल ही में सत्ती ने पंजाब के प्रभारी विजय रूपाणी से मुलाकात की थी और श्री आनंदपुर साहिब से उन्होंने चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है।

भारतीय जनता पार्टी के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार, अविनाश रॉय खन्ना ही उक्त लोकसभा सीट के लिए भाजपा के सबसे मजबूत उम्मीदवार होंगे। सर्वे में बताया जाता है कि अगर अविनाश रॉय खन्ना को पार्टी टिकट देती है तो यकीनन भाजपा को इस सीट से जीत मिल सकती है।