शिमला। राजवीर दीक्षित
(BJP’s show of strength in Sirmaur; Himanta to visit Shimla!) हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने SIR के समर्थन में प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने का ऐलान किया है। पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत 30 अक्टूबर को धर्मशाला और 1 नवंबर को शिमला में पदयात्रा होगी। शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
बिंदल का कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को लेकर नकारात्मक माहौल बना रही है और लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस मतदाता सूचियों में अवैध घुसपैठियों के नाम शामिल करवाना चाहती है?
बिंदल ने कहा कि मतदाता सूची में हर पात्र भारतीय नागरिक का नाम होना चाहिए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल नहीं होना चाहिए। साथ ही, किसी योग्य मतदाता का नाम भी गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए हैं।
धर्मशाला और शिमला में शक्ति प्रदर्शन
भाजपा के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 30 अक्टूबर को धर्मशाला में होने वाली पदयात्रा में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार और विधायक सुधीर शर्मा व पवन काजल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
1 नवंबर को शिमला में होने वाली पदयात्रा में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर भी भाग लेंगे।
4 नवंबर को हमीरपुर और मंडी में पदयात्राएं
हमीरपुर में 4 नवंबर को होने वाली पदयात्रा में अनुराग ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और विधायक रणधीर शर्मा सहित अन्य नेता शामिल होंगे।
इसी दिन मंडी में प्रस्तावित पदयात्रा में जयराम ठाकुर, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक राकेश जमवाल, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और विधायक अनिल शर्मा भाग लेंगे।
SIR को लेकर जनता तक पहुंचने की तैयारी
भाजपा का कहना है कि इन पदयात्राओं के जरिए मतदाता सूची के सत्यापन, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को लेकर पार्टी अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी। वहीं, SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप से हिमाचल की राजनीति में बहस और तेज होने के संकेत हैं।


















