चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Lok Adalat: 4,871 Cheque Bounce Cases Settled, ₹130.90 Crore Awards Passed “) पंजाब में न्याय व्यवस्था को तेज़ और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल देखने को मिली। पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (PSLSA) द्वारा शनिवार को पूरे राज्य में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें केवल नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत दर्ज चेक बाउंस मामलों की सुनवाई की गई। इस विशेष लोक अदालत में 4,871 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया, जबकि कुल 130.90 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए।
यह विशेष लोक अदालत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के संरक्षण में आयोजित की गई। प्राधिकरण की सदस्य सचिव (प्रभारी) जगदीप कौर विर्क ने बताया कि पूरे पंजाब के सभी जिलों और उप-मंडलों में कुल 175 लोक अदालत बेंच बनाई गई थीं।
लोक अदालत में कुल 17,723 चेक बाउंस मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 4,871 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया। कई ऐसे मामले भी शामिल रहे जो लंबे समय से अदालतों में लंबित थे और अब आपसी सहमति के आधार पर उनका निपटारा हो सका।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को तेज़, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना तथा अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना था। जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने इस सफल आयोजन के लिए न्यायिक अधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, वकीलों, पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों की सराहना की।
पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, न्यायपालिका, बार एसोसिएशन, पुलिस और सिविल प्रशासन का सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया। यह विशेष लोक अदालत न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



















