टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: पंजाब से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मृत महिला की पहचान का इस्तेमाल कर लाखों रुपये का ऋण (लोन) ले लिया गया। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पंजाब जांच ब्यूरो की एक तथ्यात्मक जांच में दस्तावेजों में बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई। यह मामला न केवल बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के दुस्साहस को भी उजागर करता है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में पता चला कि जिस महिला की मृत्यु तीन साल पहले हो चुकी थी, उसके दस्तावेजों का उपयोग करके वर्ष 2022 में ‘शुभ लक्ष्मी प्राइवेट फाइनेंस लिमिटेड’ से लोन स्वीकृत कराया गया। जालसाजों ने मृत महिला के नाम पर लोन लेने के लिए न केवल फर्जी दस्तावेज तैयार किए, बल्कि एक अन्य महिला की फोटो का इस्तेमाल कर बैंक को पूरी तरह गुमराह किया।
जांच में सामने आई बड़ी साजिश
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह कोई इकलौती घटना नहीं है। जांचकर्ताओं ने इसी तरह के दो और मामलों को चिह्नित किया है, जिनमें दस्तावेजों के दुरुपयोग का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब उन बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने बिना उचित सत्यापन के लोन को मंजूरी दी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ‘मृतक के दस्तावेजों का उपयोग करना एक गंभीर अपराध है। हम इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें बैंक के अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत है या यह किसी संगठित गिरोह का काम है।’
मुख्य बिंदु
- मृत महिला के नाम पर 2022 में लोन लिया गया।
- फर्जी दस्तावेजों और दूसरी महिला की फोटो का इस्तेमाल किया गया।
- शुभ लक्ष्मी प्राइवेट फाइनेंस लिमिटेड की भूमिका संदिग्ध।
- इसी तरह के दो और मामलों का खुलासा हुआ।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की।



















