चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Jalandhar Drug Crackdown “) पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों पर चलाए जा रहे “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत पुलिस ने विभिन्न मामलों में जब्त की गई 2.229 किलोग्राम हेरोइन को कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नष्ट कर दिया। यह हेरोइन जालंधर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज 23 आपराधिक मामलों के दौरान बरामद की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोर्ट और ड्रग डिस्पोजल कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत पूरी कार्रवाई पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से की गई, ताकि जब्त किए गए मादक पदार्थों का दोबारा किसी भी तरह दुरुपयोग न हो सके। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कमिश्नरेट पुलिस की विशेष टीम ने की।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल नशे को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। पुलिस लगातार तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसने की दिशा में काम कर रही है।
कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नशा तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान इसी तरह जारी रहेगा। इसके साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध नशा तस्करी या मादक पदार्थों की गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। नागरिकों की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से ही पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इस कार्रवाई को जालंधर पुलिस की नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का संदेश साफ है कि नशा तस्करों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी और कानून के दायरे में रहकर उनके खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



















