चंबा।राजवीर दीक्षित
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य अगले चार महीनों में राजस्थान को बिजली बेचकर 400 करोड़ रुपये की कमाई करेगा। इसके लिए बिजली की कीमत 15.50 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। उन्होंने इसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री बुधवार को चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में बंजाराड़ू कला मंच पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हिमगिरी, थल्ली, जज्जाकोठी और मरूंड के चार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा भी की।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि 180 मेगावाट की बैरा-सियूल जलविद्युत परियोजना के 44 वर्ष पूरे होने के बाद इसमें हिमाचल की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाई गई है।
मुख्यमंत्री ने वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में प्रदेश सरकार को मिली कानूनी सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला वर्ष 2003 से लंबित था। सरकार के प्रयासों से प्रदेश को 401 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है। अब इस संपत्ति की ई-नीलामी के माध्यम से सालाना करीब 37 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, पिछले 23 वर्षों से इस संपत्ति से प्रदेश को कोई राजस्व नहीं मिल रहा था।
सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि और पशुपालन क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत कच्ची हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलो, गेहूं का 80 रुपये और मक्की का 50 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है।
वहीं, गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी सरकारी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल, सीबीएसई से संबद्ध शिक्षण संस्थान और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि प्रदेशभर में 100 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल खोलने का प्रस्ताव है।
पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सुक्खू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था किए बिना कई शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोल दिए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने संस्थानों का युक्तिकरण किया और हजारों खाली शिक्षण पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
कार्यक्रम में चंबा सदर के विधायक नीरज नैयर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज और जिला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

















