चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Home loan EMI will become costlier, customers of this bank get a big shock”) देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank� ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने होम लोन समेत लंबे समय के कर्ज पर लागू होने वाली ब्याज दर यानी MCLR में बढ़ोतरी कर दी है। अब जिन लोगों का होम लोन HDFC बैंक के MCLR से जुड़ा हुआ है, उनकी EMI पहले से ज्यादा महंगी हो सकती है। बैंक ने 3 साल की अवधि वाले MCLR में 0.05% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद यह दर 8.55% से बढ़कर 8.60% हो गई है। नई दरें 7 मई 2026 से लागू हो चुकी हैं।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो लंबे समय के लिए होम लोन, प्रॉपर्टी लोन या बड़े फाइनेंशियल लोन ले चुके हैं। EMI बढ़ने से हर महीने जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि, बैंक ने शॉर्ट टर्म लोन लेने वालों को थोड़ी राहत भी दी है। ओवरनाइट से लेकर 6 महीने तक की अवधि वाले MCLR में 0.05% की कटौती की गई है। इससे बिजनेस लोन और वर्किंग कैपिटल लेने वाले व्यापारियों को फायदा मिलेगा।
एक महीने का MCLR अब 8.10% से घटकर 8.05% हो गया है, जबकि 1 साल और 2 साल की अवधि वाले रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया। फिलहाल बैंक की MCLR दरें 8.05% से लेकर 8.60% के बीच बनी हुई हैं।
क्या होता है MCLR?
MCLR यानी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिससे कम पर कोई बैंक लोन नहीं दे सकता। RBI ने इसे 2016 में लागू किया था ताकि ग्राहकों को ब्याज दरों में बदलाव का पारदर्शी फायदा मिल सके।



















