चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Petrol and Diesel to Get Cheaper Soon! US-Iran Deal Finally Reached”) महंगाई की मार झेल रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक महत्वपूर्ण शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता कम होती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी खबर का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी देखने को मिला है।
समझौते की खबर सामने आते ही ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में शांति बनी रहती है और तेल सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
भारत के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इसमें भी बड़ी मात्रा में तेल होरमुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। ऐसे में इस समुद्री मार्ग के सुचारु रूप से खुलने से तेल की आपूर्ति आसान होगी और आयात लागत कम हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को मिल सकता है। इससे न केवल पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि परिवहन लागत कम होने से अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। फिलहाल लोगों की नजर इस समझौते के आधिकारिक क्रियान्वयन और तेल बाजार की अगली चाल पर बनी हुई है।



















