लास वेगास। टारगेट न्यूज नेटवर्क
(Indian vlogger faces racist taunt in the US, gives a befitting reply) हरियाणा के ट्रैवल व्लॉगर परमवीर बेनीवाल को अमेरिका के लास वेगास में कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा। दो अमेरिकी युवकों ने उन्हें रोककर 7-Eleven में कैशियर की नौकरी को लेकर तंज कसा। घटना की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जा रही थी।
परमवीर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि युवक सामान्य बातचीत कर रहे हैं, लेकिन बार-बार कैशियर की नौकरी का सवाल पूछे जाने के बाद उन्हें समझ आया कि यह टिप्पणी नस्लीय स्टीरियोटाइप पर आधारित थी।
12 डॉलर प्रति घंटे की नौकरी का ऑफर
बातचीत के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर परमवीर से पूछा कि क्या वह उनके 7-Eleven स्टोर में कैशियर का काम करेंगे। इसके लिए 12 डॉलर प्रति घंटे देने की बात कही गई।
परमवीर ने जवाब देते हुए कहा- “You can’t afford me.” इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले उन 12 डॉलर को बचाकर एक असली चेन खरीद लो, ताकि अगली बार वेगास आओ तो नकली चेन न पहननी पड़े।
इसके बाद बातचीत का रुख बदल गया और युवक बार-बार “Don’t, don’t” कहता नजर आया।
कैमरे में रिकॉर्ड हुआ पूरा घटनाक्रम
परमवीर के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में कैमरा ऑन नहीं किया था। जब उन्हें यकीन हुआ कि बातचीत नस्लीय टिप्पणी की तरफ जा रही है, तब उन्होंने रिकॉर्डिंग शुरू की।
घटना का वीडियो उन्होंने अपने YouTube चैनल ‘Passenger Parmveer’ पर शेयर किया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
वीडियो वायरल हुआ तो सामने आया दूसरा पक्ष
परमवीर के वीडियो के वायरल होने के बाद कथित अमेरिकी स्ट्रीमर की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने कहा कि उसने “गलत इन्फ्लुएंसर से पंगा ले लिया” और भारतीय यूजर्स द्वारा उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पहुंचने की बात कही।
कुछ क्लिप्स में उसके आगे भी इसी तरह का कंटेंट बनाने की बात कहने का दावा किया गया है। हालांकि, इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
‘7-Eleven’ वाले ताने पर परमवीर ने उठाए सवाल
परमवीर ने अपने वीडियो में कहा कि विदेशों में भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों को अक्सर कुछ खास नौकरियों से जोड़कर स्टीरियोटाइप किया जाता है। उनके मुताबिक, इसी तरह 7-Eleven में कैशियर वाली टिप्पणी भी भारतीयों को निशाना बनाने वाले तानों में इस्तेमाल होती है।
उन्होंने इसे ‘सॉफ्ट रेसिज्म’ बताते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों को कई बार ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
32 लाख से ज्यादा बार देखा गया वीडियो
परमवीर ने यह घटना 22 सितंबर को अपने चैनल पर साझा की थी। रिपोर्ट लिखे जाने तक वीडियो को 32 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके थे और इसे 54 हजार से अधिक लाइक्स मिले थे। उनके YouTube चैनल पर करीब 28.4 लाख सब्सक्राइबर बताए गए हैं।
लास वेगास की सड़क पर शुरू हुआ कुछ मिनटों का विवाद अब सोशल मीडिया पर नस्लीय स्टीरियोटाइप और विदेशों में भारतीयों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर बड़ी बहस बन गया है।


















