चंबा । राजवीर दीक्षित
(Orthopedic surgeries at Chamba Medical College are set to become easier! The facility has received a state-of-the-art C-Arm machine) चंबा के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पंडित जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंबा को करीब 38 लाख रुपये की कीमत वाली अत्याधुनिक C-Arm मशीन मिली है। इस मशीन के मेडिकल कॉलेज में पहुंचने के बाद अब ऑर्थोपेडिक और ट्रॉमा सर्जरी को आधुनिक तकनीक का सहारा मिलेगा। खास बात ये है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को हड्डियों और जोड़ों की रियल-टाइम इमेजिंग मिल सकेगी, जिससे जटिल सर्जरी को ज्यादा सटीक तरीके से करने में मदद मिलेगी। पंडित जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंबा में नई C-Arm मशीन का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। ऑपरेशन थिएटर में एक पारंपरिक समारोह के बाद इस आधुनिक मशीन को चिकित्सा सेवाओं में शामिल किया गया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पंकज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रदीप सिंह, ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. माणिक सहगल सहित अन्य डॉक्टर और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। अब जरा समझिए कि आखिर करीब 38 लाख रुपये की यह C-Arm मशीन इतनी खास क्यों है?
दरअसल, C-Arm एक मोबाइल X-ray इमेजिंग सिस्टम है, जिसे ऑपरेशन थिएटर में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सर्जरी के दौरान ही हड्डियों और जोड़ों की रियल-टाइम तस्वीरें उपलब्ध कराती है।
यानी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को यह देखने में मदद मिल सकती है कि हड्डी किस स्थिति में है, फ्रैक्चर की वास्तविक स्थिति क्या है और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स या लगाए जा रहे इम्प्लांट सही जगह पर हैं या नहीं।
सीधी भाषा में कहें तो ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को शरीर के अंदर की स्थिति की लगातार जानकारी मिलती रहती है। इससे मुश्किल और जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को ज्यादा सटीकता के साथ करने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, स्क्रू लगाने और फ्रैक्चर के इलाज में यह मशीन काफी उपयोगी साबित हो सकती है। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. माणिक सहगल ने बताया कि नई C-Arm मशीन सर्जरी के दौरान साफ और रियल-टाइम इमेजिंग उपलब्ध कराएगी। इससे सर्जनों के लिए हड्डियों और इम्प्लांट की स्थिति को समझना आसान होगा।
उनके मुताबिक, बेहतर इमेजिंग से सर्जिकल प्रक्रिया की सटीकता बढ़ाने के साथ-साथ कई मामलों में ऑपरेशन का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। और अगर ऑपरेशन में कम समय लगता है, तो इसका सीधा फायदा मरीजों को भी मिल सकता है। मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में कम समय बिताना पड़ेगा और मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध ऑपरेशन थिएटर सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए ज्यादा मरीजों के ऑपरेशन किए जा सकेंगे। यानी एक आधुनिक मशीन, बेहतर इमेजिंग और ज्यादा सटीक सर्जरी—इन तीनों का फायदा सीधे मरीजों तक पहुंचने की उम्मीद है।
डॉक्टरों का मानना है कि नई C-Arm मशीन से मेडिकल कॉलेज में ऑर्थोपेडिक और ट्रॉमा केयर सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। चंबा मेडिकल कॉलेज सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि चंबा और आसपास के कई इलाकों से आने वाले मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाता है। ऐसे में इस तरह के आधुनिक उपकरण की सुविधा मिलना यहां आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, करीब 38 लाख रुपये की यह अत्याधुनिक C-Arm मशीन चंबा मेडिकल कॉलेज की ऑर्थोपेडिक और ट्रॉमा सेवाओं को नई तकनीकी मजबूती दे सकती है। रियल-टाइम इमेजिंग की सुविधा से डॉक्टरों को सर्जरी के दौरान बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी और मरीजों को ज्यादा सटीक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।



















