चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को कई राज्यों में फैले जीएसटी (GST) धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया। इस मामले में 2,410.22 करोड़ रुपये के संदिग्ध कर योग्य कारोबार और 429.30 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आया है।
चीमा ने बताया कि राज्य खुफिया एवं निवारक इकाई (SIPU) से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर लुधियाना के डिवीजन नंबर-4 पुलिस थाने में 13 अक्टूबर को एफआईआर (नंबर 0185) दर्ज की गई है।
मंत्री के अनुसार, एफआईआर में श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हर्ष थापर के साथ सैमी धीमान, जस और अन्य कथित सहयोगियों के नाम शामिल हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (CGST Act) की धारा 132 के तहत दर्ज किया गया है।
जांच की शुरुआत 30 सितंबर को हुई, जब लुधियाना में SIPU के एक राज्य कर अधिकारी ने दिल्ली से पंजाब की ओर सामान लेकर जा रहे एक वाहन (DL01AR-1775) को रोका।
चीमा के मुताबिक, वाहन के साथ मौजूद ई-वे बिल और इनवॉइस में पंजाब की तीन कंपनियों को सामान की आपूर्ति दर्शाई गई थी। हालांकि, संबंधित कंपनियों से संपर्क करने पर उन्होंने सामान का ऑर्डर देने या खरीदने से इनकार कर दिया।
इसके बाद की जांच में कथित तौर पर ऐसे फर्मों के नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो गैर-वास्तविक दस्तावेजों के जरिए सामान की आवाजाही दिखा रहे थे। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और ई-वे बिल रिकॉर्ड की मदद से कई राज्यों में सक्रिय 62 आपस में जुड़ी फर्मों की पहचान की। इनमें से 25 फर्म पंजाब में स्थित बताई गई हैं।
मंत्री ने कहा कि यह सिंडिकेट मुख्य रूप से वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान सक्रिय रहा। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था। वह कथित तौर पर अन्य संस्थाओं से फर्जी इनवॉइस प्राप्त करता था और लेनदेन को अंजाम देने के लिए ई-वे बिल के भाग-B में जानकारी भरता था।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और इस मामले में जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नोट: मामले में टैक्स चोरी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत में साबित होना बाकी है।


















