Home Haryana FDR घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ₹5.19 करोड़ के गबन का आरोप

FDR घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ₹5.19 करोड़ के गबन का आरोप

पंचकूला। राजवीर दीक्षित

(Prime accused in FDR scam arrested; accused of embezzling ₹5.19 crore) नगर निगम पंचकूला में हुए करोड़ों रुपये के FDR घोटाले और सरकारी धन के कथित गबन के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) को बड़ी सफलता मिली है। विजिलेंस टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी समर मोहन रंगा को पंचकूला जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

जांच एजेंसी के अनुसार, समर मोहन रंगा पर कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11 पंचकूला के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर नगर निगम के खाते से करीब 5.19 करोड़ रुपये अपनी पत्नी नेहा समर रंगा के संयुक्त खाते में ट्रांसफर करवाने का आरोप है।

FDR और बैंक रिकॉर्ड में सामने आया बड़ा अंतर

मामले की जांच के दौरान विजिलेंस ने नगर निगम के रिकॉर्ड और बैंक दस्तावेजों का मिलान किया। इसमें कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया।

नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज कई FDR की रकम बैंक रिकॉर्ड में जमा नहीं मिली। इसके अलावा कुछ ऐसे बैंक खाते भी सामने आए, जिनका नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं था। बैंक खातों में दिखाई गई राशि और निगम के दस्तावेजों में दर्ज रकम में भी काफी अंतर पाया गया।

अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार

विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 22 जून 2026 को पंचकूला अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है। समर मोहन रंगा लंबे समय से फरार था।

मामले में 24 मार्च 2026 को कोटक महिंद्रा बैंक और नगर निगम के अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई थी।

रिमांड में खुलेगा गबन का पूरा राज

विजिलेंस अब रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर कथित तौर पर गबन की गई रकम की रिकवरी और पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास करेगी। जांच एजेंसी बैंक खातों और FDR से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।

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