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एक ही नंबर, अलग-अलग गाड़ियां और अलग शहर! हिमाचल में चालान से खुला बड़ा राज

मंडी। राजवीर दीक्षित

(Same number, different vehicles, and different cities! A major secret was revealed through a traffic challan in Himachal)मंडी में गाड़ी नंबर को लेकर ऐसा खेल सामने आया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। जिस नंबर को देखकर सब कुछ सामान्य लग रहा था, जांच आगे बढ़ते ही वही नंबर जालसाजी की कड़ी बन गया। एचआर-26-बीवाई-5790 नंबर हिसार निवासी सोमपाल की रेनाल्ट डस्टर का है, लेकिन मंडी में इसी नंबर की दूसरी गाड़ी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

मामला तब खुलना शुरू हुआ जब सोमपाल के मोबाइल पर ट्रैफिक चालानों के संदेश आने लगे। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य गलती समझा, लेकिन जब लगातार चालान आने लगे और सभी की लोकेशन मंडी शहर की निकली, तो उन्हें शक हुआ। उनकी गाड़ी तो हिसार में घर के बाहर खड़ी थी। इसके बाद उन्होंने हरियाणा पुलिस से संपर्क किया और मामले की जांच शुरू हुई। यहीं से फर्जी नंबर प्लेट के खेल की परतें खुलने लगीं।

चालान काटने पहुंची पुलिस, सामने आया जालसाजी का राज

शुक्रवार देर शाम मंडी पुलिस ने नो-पार्किंग जोन में खड़ी एक गाड़ी पर कार्रवाई की। ऑनलाइन चालान के लिए जैसे ही उसका नंबर सिस्टम में फीड किया गया, पुलिस को रिकॉर्ड में रेनाल्ट डस्टर दिखाई दी। जबकि सामने खड़ी गाड़ी टाटा की थी। एक ही नंबर, लेकिन दो अलग-अलग गाड़ियां! इस विरोधाभास ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

खुद को वकील बताया, पुलिस के सवालों में खुल गई पोल

मामला सामने आते ही पुलिस ने जब चालक को रोककर पूछताछ शुरू की तो वह पुलिस पर ही धौंस जमाने लगा। चालक ने खुद को वकील बताते हुए कानून का हवाला देकर पुलिस को प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सख्ती और दस्तावेजों की जांच के आगे उसकी सारी दलीलें बेअसर हो गईं। जांच में उसके पास न तो गाड़ी की आरसी मिली और न ही वाहन से संबंधित कोई अन्य जरूरी दस्तावेज। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया।

हिसार से आए दस्तावेजों ने खोला फर्जीवाड़े का राज

पुलिस ने जब वाहन के असली पंजीकृत मालिक सोमपाल से संपर्क किया तो उसने तुरंत अपनी गाड़ी के फोटो और आरसी पुलिस को भेज दी। दस्तावेजों की जांच करने पर वे सही पाए गए। इससे साफ हो गया कि मंडी में पकड़ी गई गाड़ी पर किसी दूसरे वाहन का नंबर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पूरे फर्जी नंबर प्लेट के खेल का खुलासा दैनिक जागरण पहले ही अपनी रिपोर्ट में कर चुका था।

टाटा पर डस्टर का नंबर क्यों? जांच में जुटी मंडी पुलिस

मंडी पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है—आखिर एक वाहन का नंबर दूसरे वाहन पर क्यों इस्तेमाल किया गया? पुलिस ने टाटा गाड़ी को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। नंबर प्लेट की इस कथित जालसाजी के पीछे कौन है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े किसी गिरोह की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

 

 

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