चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Khalistan Flag Row in Punjab Government School Before Aug 15) स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले पंजाब के जालंधर जिले के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कोटला हेरां गांव स्थित सरकारी मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल कार्यालय के अंदर कथित तौर पर खालिस्तान रेफरेंडम का झंडा लगाए जाने का दावा किया गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन की ओर से जारी एक वीडियो में कथित तौर पर स्कूल के प्रिंसिपल कार्यालय के भीतर झंडा लगाए जाने का दृश्य दिखाया गया है। हालांकि, अभी तक प्रशासन या पुलिस की ओर से वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वीडियो सामने आने के बाद खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी एक बयान जारी किया। अपने बयान में उसने पंजाब के युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों को लेकर कई विवादित बातें कहीं। उसने छात्रों से भारतीय तिरंगे के साथ होने वाले कार्यक्रमों से दूर रहने की अपील की और दावा किया कि उसका अभियान आगे भी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों तक जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हर वर्ष 15 अगस्त को स्कूलों में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जाते हैं। ऐसे समय में इस तरह के दावों और वायरल वीडियो ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित झंडा स्कूल के अंदर किसने लगाया, कब लगाया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। वीडियो की सत्यता की आधिकारिक जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



















