चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Security provided to Vikram Saw, who served Jhalmuri to PM Modi; know who will bear the expenses”) पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री Narendra Modi को झालमुरी खिलाने वाले स्थानीय दुकानदार विक्रम साव इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक विक्रम साव को विदेशों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने विक्रम की सुरक्षा बढ़ाते हुए उनकी दुकान के बाहर CRPF और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
एक साधारण झालमुरी विक्रेता की दुकान के बाहर भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। लोग लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक आम नागरिक को इतनी हाई लेवल सुरक्षा क्यों दी गई और इसका खर्च कौन उठाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार इस सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खर्च भारत सरकार के गृह मंत्रालय यानी MHA के बजट से वहन किया जाएगा। भारतीय सुरक्षा नियमों के तहत यदि किसी व्यक्ति की जान को वास्तविक खतरा माना जाता है, तो उसे दी जाने वाली सुरक्षा का खर्च सरकार खुद उठाती है।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग ने विक्रम साव को मिली धमकियों को गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि उनकी सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही। आमतौर पर CRPF या CISF जैसी सुरक्षा केवल नेताओं, मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को मिलती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में किसी आम नागरिक को भी केंद्रीय सुरक्षा दी जा सकती है। फिलहाल विक्रम साव की छोटी सी दुकान अब पूरे देश में चर्चा और सुरक्षा का बड़ा केंद्र बन चुकी है।



















