द टारगेट न्यूज़:
पंचकूला में गुरुवार को एक विशेष संयुक्त अभियान के दौरान जबरन भीख मांगने की स्थिति से सात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशों के अनुपालन में ‘भिक्षा नहीं, शिक्षा’ अभियान के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस संयुक्त अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, विशेष कार्य दल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ ‘क्राई’ (CRY) और ‘मीड’ (MEED) गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सेक्टर 9 मार्केट, सेक्टर 5, मज़री चौक और सेक्टर 8, 9 व 10 के ट्रैफिक लाइट पॉइंट्स सहित कई संवेदनशील स्थानों पर औचक निरीक्षण और छापे मारे। प्रशासन के अनुसार, रेस्क्यू किए गए बच्चों के लिए तयशुदा प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा, जिसमें उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इन बच्चों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने और उन्हें शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को भीख मांगने से बचाना और उन्हें शिक्षा तथा गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार दिलाना है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बच्चों को भीख देने के बजाय उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए चलाई जा रही संस्थागत पहलों का समर्थन करें।










