द टारगेट न्यूज़:
मादक पदार्थों के खिलाफ संघर्ष करने वाले दिवंगत कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी प्रमुख मांग 13 अक्टूबर को अपने बेटे की हत्या के मामले में मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वैभव चौधरी का तबादला करने की है। भीम सिंह ने घोषणा की है कि जब तक एसएसपी का तबादला नहीं किया जाता, तब तक वह केवल पानी पिएंगे और जरूरत पड़ने पर अपनी जान देना पसंद करेंगे। यह घटनाक्रम बुधवार को मानसा में विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ हुई बैठक के बाद सामने आया है। हालांकि उस बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन एसएसपी के तबादले की मांग अनसुलझी रह गई। भीम सिंह के अनुसार, उनकी बहू ने भी बैठक के दौरान सरकार द्वारा दी गई सरकारी नौकरी और मुआवजे की राशि को ठुकराने की बात कही है। परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मानसा शहर के एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद के बाद गोली मारकर कर दी गई थी। इस हत्या के बाद से राज्य सरकार के साथ गतिरोध और प्रदर्शनों के चलते उनका शव 24 दिनों तक मानसा सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा रहा था। बाद में, एक समझौते के तहत गुरुवार देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआईएमईआर भेज दिया गया। राज्य सरकार और पीड़ित परिवार तथा एक्शन कमेटी के बीच हुई बैठक में सरकार ने परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा और झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देने पर सहमति जताई थी। इस बीच, विभिन्न जेलों से लक्खा सिधाना, मोहनजीत सिंह शेरॉन और नौ अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई गुरुवार शाम को होने के बावजूद शुक्रवार को यह विरोध प्रदर्शन अपने 25वें दिन में प्रवेश कर गया और जारी रहा।