Home Business स्वदेशी अर्थव्यवस्था से होकर जाता है आत्मनिर्भर भारत का रास्ता

स्वदेशी अर्थव्यवस्था से होकर जाता है आत्मनिर्भर भारत का रास्ता

ऊना। राजवीर दीक्षित

(The path to an Atmanirbhar Bharat (Self-Reliant India) runs through the indigenous economy) स्वदेशी जागरण मंच जिला ऊना की ओर से श्री विष्णु सनातन धर्म भटोली कॉलेज में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वदेशी, उद्यमिता, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिले के सफल उद्यमी पुनीत मोदगिल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि स्वदेशी अर्थव्यवस्था से ही आत्मनिर्भर भारत का रास्ता निकलता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। युवाओं को नौकरी की तलाश करने के साथ-साथ उद्यमिता और स्वरोजगार के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पुनीत मोदगिल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने उद्यमिता के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने, नए विचारों पर काम करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा सहोड़ ने कहा कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के उपयोग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक स्वावलंबन से जुड़ी व्यापक सोच है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी सोच के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची देशभक्ति का एक मार्ग है। स्थानीय उत्पादों और उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

मंच के जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने कहा कि स्वदेशी का भाव समाज के प्रत्येक व्यक्ति के मन में मौजूद है। आवश्यकता इस बात की है कि इस भावना को व्यवहार में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करके देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ा जा सकता है।

उन्होंने युवाओं से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, स्थानीय उद्यमियों का सहयोग करने तथा अपनी प्रतिभा और कौशल को स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा वक्ताओं के साथ संवाद किया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में स्वावलंबन, उद्यमिता और स्वदेशी अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।

इस अवसर पर एसवीएसडी भटोली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद शर्मा, प्रो. अरविंद राणा, प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो. पूनम शर्मा, प्रो. नेहा, प्रो. शिवानी, डॉ. संगीता, डॉ. ज्योति, विनोद शर्मा, मोनू राणा और अमित कुमार सहित कॉलेज के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Translate »
error: Content is protected !!