तेज बारिश से रेल सेवा प्रभावित, 4 ट्रेनें रद्द; 19 अगस्त तक बारिश के आसार
चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित।
(Weather takes a turn in Punjab and Chandigarh) पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और पठानकोट समेत कई इलाकों में बारिश हुई है। मौसम विभाग ने 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि पंजाब के कई हिस्सों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को तूफानी गतिविधियों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। गुरदासपुर, पठानकोट, बटाला, अजनाला और डेरा बाबा नानक में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
मोहाली, चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, रूपनगर और आसपास के इलाकों में मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं पटियाला, राजपुरा और लुधियाना समेत कई क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं।
प्रदेश में अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पटियाला में सबसे अधिक 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 2.7 डिग्री अधिक रहा।
पहाड़ों में बारिश का असर, 4 ट्रेनें रद्द
हिमाचल के कांगड़ा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश और रेल पटरियों पर पत्थर गिरने से पठानकोट-बैजनाथ पपरोला रेल मार्ग प्रभावित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने चार ट्रेन सेवाओं को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है।
रद्द की गई ट्रेनों में 52467, 52470, 52474 और 52465 शामिल हैं। ट्रेन संख्या 52464 को बैजनाथ पपरोला-ज्वालामुखी रोड के बीच चलाने के बजाय फिलहाल कोपरलाहड़ तक संचालित किया जाएगा। वहीं ट्रेन संख्या 52469 ज्वालामुखी रोड के बजाय कोपरलाहड़ से रवाना होगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित रेल पटरियों को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
भाखड़ा-पोंग डैम में बढ़ रही पानी की आवक
लगातार बारिश के बीच भाखड़ा और पोंग डैम में पानी की आवक बढ़ी है। भाखड़ा डैम में जलस्तर 1617.88 फीट और पानी की आवक 48,548 क्यूसेक दर्ज की गई, जबकि 25,150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं पोंग डैम का जलस्तर 1352.37 फीट है। यहां 52,326 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 15,507 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
फिलहाल दोनों डैम खतरे के स्तर से नीचे हैं। हालांकि पानी की आवक निकासी से अधिक होने के कारण हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ी
बारिश और उमस के बीच पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ी है। 13 अगस्त की रात बिजली की मांग 13,915 मेगावाट तक पहुंच गई। इसमें 8,808 मेगावाट बिजली बाहर से ली गई, जबकि राज्य में 5,109 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ।
बढ़ती मांग के कारण तय शेड्यूल से करीब 510 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ी। मौसम के अगले कुछ दिनों तक खराब रहने के अनुमान के बीच प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बारिश, डैमों के जलस्तर और बिजली की स्थिति पर बनी हुई है।


















